कृषि मंडी में यूनिट लगाकर बताएंगे फूड प्रोसेसिंग उद्योग के फायदे
रायपुर| छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना के लिए व्यापक कार्य योजना बनाई जाएगी। जिसमें किसानों को ऐसे उद्योगों से जोड़ने के लिए कृषि उपज मंडियों में छोटी -छोटी फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर उन्हें इसके बारे में विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी। कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कृषि अधिकारियों की बैठक में इस पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में राज्य शासन के वाणिज्य और उद्योग विभाग, कृषि उद्यानिकी, मंडी बोर्ड और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमी भी शामिल हुए। कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि शुरूआत में तीन मसाला फसलों और तीन साग सब्जियों का चयन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए किया जाए। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से इन फसलों के उन्नत प्रजाति के बीज या पौधे किसानों को उपलब्ध कराए जाने का इंतजाम किए जाने की बात भी कही।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कृषि उपज मंडियों में छोटी-छोटी यूनिटों के माध्यम से जानकारी दी जाए।
दुर्ग में अगले 6 माह में लगेगी यूनिट
दुर्ग जिले के कुम्हारी के नजदीक मंडी के लिए जमीन लेकर खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगाने के निर्देश दिए और कहा कि अगले छह माह में प्रसंस्करण यूनिट लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाए। अग्रवाल ने वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अधिकारियों से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण पर आधारित उद्योगों की स्थापना एवं विकास के लिए विभागीय अनुदान, छूट एवं रियायतों की जानकारी भी ली। बैठक में उद्यमी वीनू जैन, श्रीवसति टेक्नालॉजी लिमिटेड के रोहित सोमानी सहित वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, मंडी बोर्ड, उद्यानिकी और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।