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एक जून से शुरू होगा किसानों का गांव बंदी अिभयान

3 वर्ष पहले
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दुर्ग| कर्ज मुक्ति और निश्चित आमदनी की मांग को लेकर किसान अब गांव बंदी अभियान चलाएंगे। राष्ट्रीय किसान महासंघ के आव्हान पर 1 जून से 10 जून तक गांव बंदी अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान गांवों से दूध, अंडा, सब्जी की बिक्री शहरों में नहीं की जाएगी। अभियान के दौरान गांवों में राजनीतिक दलों के नेताओं का विरोध किया जाएगा।

महासंघ में छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन सहित देश के 110 किसान संगठन शामिल हैं। किसानों का कहना है कि किसानों की कर्ज मुक्ति होना चाहिए। इसके अलावा निश्चित न्यूनतम आय और फसलों का पूरा दाम मिलना जरूरी है। किसानों को अभी तक उपज का सही दाम नहीं मिल रहा है। इससे किसानों की हालत दिनोंदिन दयनीय हो रही है। प्रगतिशील किसान संगठन के प्रदेश संयोजक राजकुमार गुप्त ने बताया िक गांव बंदी आंदोलन को सफल बनाने 31 मई तक किसान जागरूकता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। प्रदेश के किसान भी इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी िनभाएंगे।

प्रदेश के किसानों को सूखा राहत और फसल बीमा की राशि अभी तक नहीं िमल पाई है। चना उत्पादक किसानों को प्रति एकड़ 15 सौ रुपए राहत राशि देने की सरकारी घोषणा के एक माह बाद भी किसानों को राशि नहीं मिली है। संगठन की बैठक में आंदोलन की तैयारी के लिए रणनीति तय की गई। बैठक में संयोजक राजकुमार गुप्त, अध्यक्ष आई के वर्मा, महासचिव झबेंद्र भूषण दास वैष्णव, बद्री प्रसाद पारकर, प्रमोद पंवार, मेघराज मढ़रिया, उत्तम चंद्राकर, परमानंद यादव, बंशीलाल देवांगन सहित अन्य किसान उपस्थित थे।

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