भौतिक सुखों के आदि न बनें साधना का मार्ग अपनाएं: मुनि
हाउसिंग बोर्ड स्थित दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान मुनि पुष्पदंत सागर महाराज ने प्रवचन दिया। मुनि ने कहा कि मनुष्य आज भौतिक संसाधनों का आदि हो गया है।
यदि प्रवचन स्थल पर थोड़ी देर के लिए बिजली चली जाए तो आप गर्मी से बेचैन हो जाएंगे। लेकिन मुनिजनों के साथ ऐसा नहीं है। बिना बिजली के उनकी तपस्या और साधना में तनिक मात्र का भी परिवर्तन नहीं आता। उनके लिए साधन नगण्य हैं। सुख, सुविधा की वस्तुएं मनुष्य को भौतिकता और विलासिता की ओर ले जाती है। यह व्यय को बढ़ाती है। इसलिए हमें साधन का कम से कम उपयोग करना चाहिए। उसे अपनी आदत न बनाएं।
भक्तों को आशीर्वाद देते मुनि पुष्पदंत।
साधना से दूर होते हैं संकट
मुनि ने बताया कि बड़ी से बड़ी विकट समस्या भी साधना के माध्यम से दूर की जा सकती है। आज के युग में साधना और साधक में बड़ा परिवर्तन आ गया है। साधन आप लोगों के लिए प्रिय है, हमारे लिए साधन प्रिय है। साधन का कम से कम उपयोग करिए और अपने जीवन को सार्थकता की ओर ले जाइए। जानकारी संजय बोहरा ने दी।