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उद्यानिकी, मत्स्य पालन से सुधरेगी किसानों की स्थिति

3 वर्ष पहले
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खेती करने वाले किसान उद्यानिकी फसलों का उत्पादन कर आमदनी बढ़ा सकते हैं। खेतों में के केले की कतार के बीच अदरक, हल्दी की खेती करने से किसानों को अतिरिक्त आमदनी होगी।

पोषक तत्वों के प्रबंधन और फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े का नाश करने के साथ ही उर्वरक का न्यूनतम उपयोग करने से भी बेहतर उत्पादन बढ़ेगा।

मानस भवन में आयोजित ब्लॉक स्तरीय कृषक सम्मेलन में कृषि वैज्ञानकि हेमलता वर्मा ने बताया िक फसल उत्पादन में कास्त लागत में कमी करने के लिए एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन जरूरी है। पोषक तत्व प्रबंधन के साथ स्वायल कार्ड के आधार पर उर्वरकों का न्यूनतम उपयोग करना चाहिए। इससे किसानों की उत्पादन लागत कम होगी।

किसानों को दी आमदानी बढ़ाने की नसीहत : उद्यानकिी विभाग के उपसंचालक सुरेश ठाकुर ने कहा िक उद्यानिकी फसलों के उत्पादन से आमदनी बढ़ाई जा सकती है। सम्मेलन के मुख्य अतिथि जिला पंचायत के कृषि स्थायी समिति के सभापति मुकेश बेलचंदन थे। विशिष्ट अतिथि किसान मोर्चा के महामंत्री विनायक ताम्रकार के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि सम्मेलन में मौजूद रहे। कलेक्टर उमेश अग्रवाल ने किसानों को आमदनी बढ़ाने की नसीहत दी।

मानस भवन में कृषक सम्मेलन में प्रदर्शनी लगाकर किसानों को आय बढ़ाने के टिप्स दिए, योजना का प्रचार करने दिए निर्देश

प्रदर्शनी में मॉडल का अवलोकन करते हुए कलेक्टर उमेश अग्रवाल।

प्रदर्शनी में जिलेभर से 475 किसान शामिल हुए

सम्मेलन में दुर्ग विकासखंड के 475 किसान उपस्थित हुए। कृषि विभाग के उप संचालक जीएस धुर्वे ने हितग्राही मूलक योजनाओं से कृषकों की आय दुगुनी करने के बारे में जानकारी दी। आदर्श ग्रामों के 10-10 कृषक और अन्य ग्रामों के 5-5 कृषकों का चयन कर आय दुगुनी करने संसाधनों का आंकलन किया जा रहा है। इसके बाद कार्ययोजना तैयार कर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

किसान पशुपालन से बढ़ाएं अपनी आमदनी

सम्मेलन में कलेक्टर उमेश अग्रवाल ने कहा कि कृषि के साथ जैविक खाद उत्पादन, मशरूम उत्पादन, पशुपालन जैसे स्रोतों से आय बढ़ाई जा सकती है। मनरेगा से निजी डबरी निर्माण कर जल का समुचित उपयोग कर कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन और पशुपालन किया जा सकता है। डबरी निर्माण से बोरवेल रीचार्ज कर असाध्य पंपों को सौर सुजला योजना से जोड़कर सिंचित क्षेत्र में बढ़ोतरी की जा सकती है। जैविक खेती से मिट्‌टी की उर्वरक क्षमता बनीं रहती है।

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