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पीएम आवास की क्वालिटी देखने दुर्ग आई दिल्ली की टीम तो पता चला यहां का पूरा प्रोजेक्ट ही पीछे

3 वर्ष पहले
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पीएम आवास के तहत शहर में प्रथम चरण में 998 आवासों का निर्माण प्रस्तावित है। पहले चरण में 206 का निर्माण पूरा कर लिया गया है। यह आवास बोरसी स्थित निजी कॉलोनाइजर्स से मिली ईडब्ल्यूएस की जमीन में बनाए गए हैं। सोमवार को दिल्ली से आई टीम ने निर्माण की गुणवत्ता व कार्यों की जानकारी ली। निर्माण में लेटलतीफी और आवंटन में देरी को लेकर टीम ने नाराजगी जताई। साथ ही महीने भर के अंदर तैयार मकानों को आवंटित करने कहा।

दिल्ली से आई टीम में शहरी कार्य मंत्रालय के लीड इंजीनियर जेके प्रसाद, मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अरबन विभाग के रीजनल कोआर्डिनेटर डॉ. सुनील कुमार पारिख, सूडा के सहायक अभियंता गोपाल साहू, व एक्सपर्ट अनुज श्रीवास्तव शामिल थे। टीम पहले निगम के अधिकारियों के साथ बोरसी गई। जहां बनाए जा रहे 250 आवासों का अवलोकन किया। दिल्ली की टीम भिलाई भी आएगी।

बोरसी में पीएम आवास का निर्माण किया जा रहा है, जहां टीम ने निरीक्षण कर उसकी क्वालिटी देखी।

मौके पर देखा गॉर्डन है या नहीं

टीम ने बनाए गए आवासों की गुणवत्ता को परखा। पहले ड्राइंग डिजाइन का अवलोकन किया। कार्य करने वाले ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधियों से चर्चा की। कार्य की क्वालिटी आदि का जांच की। उन्होंने आवास के अंदर टाइल्स, दरवाजा खिड़की आदि का भी निरीक्षण किया। पेयजल पाइप लाइन और विद्युत कनेक्शन को देखा। बनाए जाने वाले उद्यान व अन्य कार्यों का भी परीक्षण किया। टीम ने राजीव नगर में चंदर बाई यादव, बृजबाई श्रीवास्तव, राम बाई मंडले से मुलाकात की। उनसे अनुदान के बारे में पूछा।

शहर में बनेंगे 15 हजार मकान

पीएम आवास योजना के तहत करीब 15 हजार आवासों का निर्माण होना है। इसके लिए जगह की तलाश लगाता जारी है। वर्तमान में कॉलोनाइजर्स से मिली ईडब्ल्यूएस की जमीन के अलावा अतिक्रमण वाली जमीनों को खाली कराकर वहीं पर आवास बनाकर दिए जाने की तैयारी निगम ने की है। इसके अलावा योजना के तहत अन्य घटकों में मोर जमीन मोर मकान योजना के तहत अब तक 250 से आवासों के निर्माण की मंजूरी प्रदान की गई है।

मोनोलिथिक पैटर्न से बन रहा आवास

पीएम आवास के तहत बनने वाले मकानों को मोनोलिथिक पैटर्न से बनाया जा रहा है। इस पैटर्न में दीवार में एक भी ईंट का उपयोग नहीं होता है। सिर्फ सरिया लगाई जाती है। प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियर बताते हैं कि इसे बनने में कम से कम 14 दिन लगते हैं। एल्युमिनियम की सेंट्रिंग्स होती है। रायपुर के बाद भिलाई में बन रहे पीएम आवास का निर्माण हो रहा है।

भिलाई में फेस-1 में 444 मकान

कम आय वर्ग के लोगों के लिए नगर निगम भिलाई पहले चरण में 444 मकान बना रहा है। इसमें 300 मकान आम्रपाली में, 56 मकान शांतिनगर कोहका, 56 मकान कुरूद और 32 मकान रिसाली में बनाया जा रहा है। पहले फेज के लिए निगम को 21 करोड़ रुपए मिले और दूसरे फेज में 121 करोड़ रुपए की स्वीकृति केंद्र व राज्य सरकार ने दी है।

आवास के लिए ये होंगे पात्र, जानिए...

स्वयं की जमीन या घर: हितग्राही के पास स्वयं की जमीन या घर तो नहीं है। यह बताना होगा। अगर आवेदक के नाम पर घर या जमीन होगा तो आवेदन निरस्त हो जाएगा।

आय: जिसकी सालाना आय तीन लाख रुपए है। वह ईडब्ल्यूएस के लिए पात्रता रखेगा। वहीं एलआईजी की पात्रता रखने वाले हितग्राही की सालाना आय 6 लाख रुपए तक हाेनी चाहिए।

एफीडेविट: फॉर्म के साथ एक एफीडेविट होना चाहिए। जिसमें बताना होगा कि, हितग्राही के पास मकान है या नहीं? किराये के मकान में रहता है क्या?

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