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फसल क्षति होने के बावजूद किसानों को नहीं मिली बीमा राशि : राकेश

3 वर्ष पहले
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किसान नेता, सभापति जिलापंचायत दुर्ग एवं पाटन विधानसभा प्रभारी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के राकेश ठाकुर ने कहा कि पिछले वर्ष सूखे की वजह से फसलों को हुई क्षति के संबंध में किसानोंं को फसल बीमा की राशि बीमा कंपनी ने अभी तक नहीं दिया है।

राज्य शासन ने दुर्ग जिले के तीनों विकासखंड पाटन, दुर्ग एवं धमधा को सूखा प्रभावित घोषित किया है फिर भी जिले में लगभग 1 लाख किसान को सिर्फ 11 हजार किसानों को ही 11 करोड़ रुपये की बीमा राशि दी गई। किसानों ने 1 लाख 22 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की थी। लगभग 90 प्रतिशत और किसानो को फसल बीमा का लाभ मिलना था तथा उनमें से 50 से 60 प्रतिशत किसानों की स्थिति तो अत्यंत दयनीय है। उनकी फसल पूरी तरह चौपट हो चुकी है। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई करने में भी कोताही बरती जा रही है। इससे किसानों का संकट दो गुना हो गया है। इससे बचाने के लिए शसान आगे आए।

आंदोलन की चेतावनी दी

किसान ठगा सा महसूस कर रहे है। उन्होंने फसल बीमा और किसानों को न्याय दिलाने के लिए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। आंकड़ों पर एक नजर डाला जाया तो अधिकारियों द्वारा की गई फसल बीमा की गणना पर बड़ा सवाल उठ रहा है। साफ पता चलता है कि बीमा कंपनी को फायदा पहुंचाने की मंशा से सरकार ने किसानों को उचित लाभ नहीं मिलने के बावजूद चुप्पी साधी हुई हैं। कृषि विभाग फसल बीमा के लिए की जानी वाली गणना की विस्तृत जानकारी हर ग्राम पंचायत में पहुंचाया करें। प्रत्येक ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक रूप से फसल बीमा के लिए दी गई जानकारी प्रदर्शित करने की व्यवस्था है। चावल पर गणना न कर धान की गणना किया जाना कई संदेहों को जन्म दे रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करते समय इसकी गणना के बदलाव की जानकारी किसानों को नहीं दी गई।

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