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गयानगर, मरारपारा और शीतला नगर में तीन महीने से हो रही गंदे पानी की सप्लाई

3 वर्ष पहले
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शहर के गयानगर, मरार पारा और शीतला नगर में पिछले करीब 3 महीनों से लगातार गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। करीब 200 परिवार इससे प्रभावित हैं। लगातार शिकायत के बाद भी निगम में इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया। जलकार्य समिति की नलघर में शुक्रवार को हुई बैठक में इसका खुलासा हुआ। स्थानीय पार्षद व समिति के सदस्य विजयंत पटेल ने इस मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि पानी में कीड़े निकलते हैं। पानी में इतनी बदबू उठती है, कि पानी को पिया ही नहीं जा सकता। इधर पुलगांव से पार्षद सुरेंद्र सिंह राजपूत ने पुलगांव में पेयजल संकट का विषय उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे शहर को जिस शिवनाथ नदी से पानी पहुंच रहा। उस नदी से लगे पुलगांव वार्ड में ही पानी नहीं है। पानी के लिए पाइप लाइन तक नहीं बिछाया गया है। पानी पर 400 करोड़ से अधिक खर्च किया जा चुका है।

कई महत्वपूर्ण विषयों पर लिए गए निर्णय
जलकार्य समिति की बैठक में मौजूद सदस्य व निगम के अधिकारी

फरवरी 2016 में शुरू हुए 42 एमएलडी फिल्टर प्लांट को ठेके पर देने की तैयारी में है निगम
इधर बैठक में तय किया गया कि फरवरी 2016 से शुरू हुए 42 एमएलडी फिल्टर प्लांट के मेंटेनेंस व ऑपरेटिंग को समिति ने ठेके पर देने के लिए प्रस्ताव पारित किया। अब तक इस फिल्टर प्लांट व इंटकवेल का मेंटेनेंस निगम द्वारा किया जा रहा है। प्लांट के शुरू होने के करीब एक साल तक पीएचई द्वारा तय एजेंसी ने प्लांट का संचालन किया। अब पुन: इसके मेंटेनेंस के लिए समिति ने प्रस्ताव पारित किया कि आउट सोर्सिंग को इस कार्य को दिया जाए। प्रतिवर्ष करीब 70 लाख रुपए इस पर खर्च का अनुमान लगाया गया। इसके लिए दुर्ग निगम की ओर से तैयारी की जा रही है।

शहर में 146 करोड़ रुपए में बिछेगी पाइप लाइन
बैठक में जानकारी दी गई कि शहर में अमृत मिशन के तहत करीब 146 करोड़ रुपए की लागत से पाइप लाइन बिछाने व पानी की टंकियों का निर्माण किया जाएगा। ताकि आगामी वर्ष 2050 तक शहर में पेयजल संकट न रहे। जलकार्य प्रभारी देवनारायण चंद्राकर ने समस्याओं का तत्काल निराकरण का भरोसा दिलाया। बैठक में पार्षद अब्दुल गनी, भोला महोबिया, कन्या ढीमर, विजयंत पटेल, सुरेन्द्र सिंह राजपूत, प्रकाश, अजय समेत अन्य मौजूद रहे।

11 व 24 एमएलडी के लिए 6 करोड़
पिछले तीन महीने से बनी पेयजल की है समस्या...
तीन महीने से अधिक समय से समस्या बनी हुई है। इसलिए मैंने यह बात बैठक में रखी। जलकार्य महकमे ने पेयजल आपूर्ति को मजाक बना रखा है। 152 करोड़ रुपए और खर्च किया जा रहा। विजयंत पटेल, पार्षद वार्ड-5 नगर निगम दुर्ग

इधर अमृत मिशन के तहत 11 व 24 एमएलडी फिल्टर प्लांट के मेंटेनेंस की तैयारी है। इसके लिए दिसंबर में टेंडर भी जारी किया जा चुका है। मोटर पंप बदलने से लेकर अन्य सारे कार्य किए जाएंगे। दोनों ही फिल्टर प्लांट 20 साल से अधिक पुराने हैं। निर्माण के बाद से ही इनका मेंटेनेंस नहीं हुआ।

मरम्मत से पहले तैयारी करने दिए हैं निर्देश...
गर्मी के समय मोटर पंप और हैंडपंप खराब होने की समस्या होती है। उनकी मरम्मत की पहले से तैयारी कर ली जाए ऐसा मंैने अधिकारियों को निर्देशित किया है। स्पॉट पर जाकर देखा जाए। देवनारायण चंद्राकर, प्रभारी जलकार्य नगर

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