पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Bhilai
  • 11 साल पहले तहसीलदार ने 5 हजार रुपए रिश्वत ली, कोर्ट ने सुनाई 4 साल की कैद

11 साल पहले तहसीलदार ने 5 हजार रुपए रिश्वत ली, कोर्ट ने सुनाई 4 साल की कैद

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए तत्कालीन तहसीलदार चंद्रेश साहू के मामले में 11 साल बाद फैसला आया। आरोपी पर दोष सिद्ध पाया गया। यह मामला पिछले करीब 7 सालों तक केवल अभियोजना स्वीकृति आदेश के नाम पर अटका रहा। वर्ष 2014 में मामले की सुनवाई शुरू हो पाई। इसके बाद 9 गवाह सरकार के तरफ से पेश किए गए। तब दोष सिद्ध पाया गया। उसे 4 साल के सश्रम कारावास व 30 हजार रुपए के अर्थदंड से न्यायालय ने दंडित किया।

अभियोजन स्वीकृति के लिए 7 साल लग गए
सीमांकन करने के लिए ली थी आवेदक से रिश्वत
विशेष लोक अभियोजक विजय कसार ने बताया कि, कादंबरी नगर के मनोहर ज्ञानचंदानी ने मामले में सबसे पहले एसीबी से शिकायत की। शिकायत 23 जुलाई 2007 को की गई। कहा कि, उसके व उसकी प|ी व पिता के नाम पर सीमांकन रिपोर्ट का एक प्रकरण तहसील न्यायालय में लंबित है। इसके लिए उससे 5 हजार रुपए के रिश्वत की मांग की जा रही। तब एसीबी ने इसकी प्लानिंग की।

तहसीलदार का फोन तक ट्रेस किया एसीबी टीम ने
27 जुलाई को दूरभाष पर रिकार्डिंग की गई। 30 जुलाई को सुबह 7 बजे रिकार्डेड वार्तालाप व रिश्वत की रकम के साथ मनोहर को एसीबी रायपुर में उपस्थित होने निर्देशित किया। इसके बाद 30 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे ज्ञानचंदानी को रिश्वत की रकम लेकर तहसील कार्यालय दुर्ग भेजा गया। पहले से ही नोट पर कैमिकल छिड़क दिए गए थे। जैसे ही यह नोट आरोपी को दिए एसीबी ने पकड़ लिया।

खबरें और भी हैं...