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अब दिहाड़ी करने वाले मजदूरों को भी पेंशन की सुविधा

3 वर्ष पहले
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शहर में अब तक सामाजिक सुरक्षा, वृद्धा व निराश्रितों को गरीबी के आधार पर पेंशन जारी किया जाता रहा है। शहर में ऐसे 14,787 हितग्राही पहले से चिन्हित हैं। अब उनके अलावा कुछ अन्य को भी शासन की योजना के तहत पेंशन राशि जारी की जाएगी। उसके लिए सामाजिक, आर्थिक व जाति आधारित जनगणना 2011 को आधार बनाया जाएगा।

इसके तहत कच्चा मकान, निराश्रित, दिहाड़ी मजदूर, भूमिहीन को भी अब मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत पेंशन पाने की पात्रता होगा। ऐसे लोगों का निगम सर्वे करेगा उनसे आवेदन लेने के साथ पात्रता का सत्यापन करेगा। इसके बाद हितग्राही को पेंशन राशि का वितरण किया जाएगा। इसे लेकर जिले के सभी 9 निकायों में पहले नाम तय होंगे। आवेदनों को आधार पर उनका सत्यापन व परीक्षण होगा।

राज्य शासन का फरमान, दुर्ग निगम में ने शुरू की तैयारी, सर्वे के आधार पर रखेंगे पात्रता, 14,787 हितग्राही पहले से चिन्हित

भौतिक सत्यापन के बाद हितग्राहियों को मिलेगा पेंशन

तय नियम शर्तों के कारण ज्यादातर हितग्राहियों को नहीं मिल रहा लाभ

पेंशन योजना की अब तक तय नियम व शर्तों के कारण बहुत से गरीब हितग्राहियों को पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा। शहर में वृद्वजनों, विधवा एवं परित्यकता हितग्राही पेंशन से अछूते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर जनगणना 2011 सर्वे सूची में दर्ज नामों के आधार पर पेंशन राशि जारी की जाएगी। पहला उनका भौतिक सत्यापन किया जाएगा। उन्हें प्रति महीने साढ़े 3 सौ रुपए के पेंशन राशि दी जाएगी।

किस योजना में कितनी मिलती है सुविधा

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन 350 रुपए प्रति महीना पेंशन मिलता है सामाजिक सुरक्षा पेंशन 350 रुपए राज्य सरकार देती है सुखद सहारा पेंशन 350 रुपए महीना राज्य सरकार देती है 80 वर्ष से अधिक 500 रुपए मासिक पेंशन दिया जाता है इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन 350 रुपए मासिक पेंशन मिलता है इंदिरा गांधी दिव्यांग पेंशन 500 रुपए सरकार देती है पेंशन।

चिन्हित करने के लिए जनगणना 2011 को बनाया जाएगा बड़ा आधार

ऐसे हितग्राहियों को चिन्हित करने के मामले में सामाजिक, आर्थिक व जाति जनगणना 2011 को आधार बनाया जाएगा। इसमें हर व्यक्ति व परिवार के संदर्भ में जानकारियां दर्ज हैं। दिए गए आवेदन का सत्यापन पहले जनगणना सूची के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद भौतिक सत्यापन से साथ पात्रता तय होगी। इसके बाद शासन स्तर पर इसके लिए बजट मांगा जाएगा और पेंशन राशि जारी की जाएगी।

इस योजना के लिए कौन कौन होंगे पात्र, जानिए...

वृद्वजनों के मामले में कच्ची दीवार और छत के साथ एक कमरे में रहने वाले परिवार, एेसे निःशक्त जिनके घर में कोई सक्षम व्यस्क न हो।

भूमिहीन परिवार जो अपनी ज्यादातर कमाई दिहाड़ी मजदूरी से प्राप्त करता है। योजना में होंगे शामिल।

सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत विधवा एवं परित्यकता के मामलों में घास की छत या डप्पर में रहने वाला परिवार।

प्लास्टिक या पॉलीथीन के छप्पर में रहने वाला परिवार।

पत्थर की छत में रहने वाला परिवार।

स्लेट के छत में रहने वाले परिवार शामिल होंगे।

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