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ट्रैफिक का दबाव कम करने कर्मचारी नगर से उरला तक सूखे नहर को पाटकर 50 लाख से बनेगी सड़क

3 वर्ष पहले
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जल संसाधन विभाग की अनुपयोगी माइनर (नहर) को पाटकर अब सीमेंट सड़क का निर्माण किया जाएगा। वार्ड 16 में कर्मचारी नगर रोड से उरला के सूर्यनगर तक रोड का निर्माण की योजना को मंजूरी मिलने के बाद माइनर पर हुए दो दर्जन से ज्यादा अवैध कब्जे तोड़ दिए गए। गंदगी और दलदल से भरी माइनर को पाटने के बाद करीब 50 लाख की लागत से रोड निर्माण किया जाएगा।

माइनर का उपयोग उरला और आसपास के इलाकों में सिंचाई के लिए किया जाता था। इस इलाके में खेतों की जगह पर प्लाटिंग के बाद कॉलोनी बसने से अब माइनर अनुपयोगी हो गई है। पांच साल पहले इसे पाटकर रोड निर्माण की योजना बनाई गई। जल संसाधन विभाग से सहमति लेने के बाद अब यहां रोड निर्माण के लिए फंड की मंजूरी दी गई। माइनर को अब मलबे से पाटने का काम शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों ने मकान के पीछे सरकारी जमीन घेरकर माइनर तक बाउंड्रीवाल का निर्माण कर लिया था। रोड निर्माण शुरू करने से पहले अतिक्रमण तोड़ने का काम शुरू हो गया है। जल्द ही सड़क बनाया जाएगा।

एक नजर प्रोजेक्ट पर

चार साल पुराना प्रोजेक्ट है, अब गति पकड़ी

पूर्व महापौर डॉ शिवकुमार तमेर के कार्यकाल में चार साल पहले माइनर को पाटकर रोड निर्माण की योजना बनाई गई। निगम की तत्कालीन लोक कर्म प्रभारी जयश्री जोशी ने इस योजना को शुरू कराया। धमधा रोड से माइनर को पाटने का काम शुरू किया गया। करीब सौ मीटर लंबे माइनर को पाटने के बाद यहां मुरुम रोड का निर्माण किया गया। इसके बाद यह काम बंद कर दिया गया। फंड की कमी का हवाला देते हुए अफसरों ने काम रोक दिया।

माइनर के ऊपर सड़क दुर्ग के लिए क्यों है जरूरी

50 लाख रुपए खर्च होंगे प्रोजेक्ट पर।

निगम ने सड़क बनाने के लिए कब्जा हटाना शुरू भी कर दिया है। जल्द ही काम शुरू होगा।

उरला, बघेरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों से शहर के भीतर प्रवेश करने लोगों को गयानगर, चंडी चौक से होकर जाना पड़ता है। संकरी रोड पर यातायात का दबाव ज्यादा होने के कारण दिन में कई बार सड़क जाम से लोगों को परेशानी होती है। निर्माण के बाद लोगों को उरला से कर्मचारी नगर होते हुए धमधा रोड तक आवागमन की सुविधा मिलेगी। यहीं से दुर्ग के भीतर या भिलाई जाने की बेहतर सुविधा मिलेगी। मेटाडोर जैसे वाहनों का आवागमन शुरू होने से चंडी मंदिर रोड पर ट्रैफिक जाम नहीं होगा।

60 फीट चौड़ी होगी सड़क।

500 मी. तक सीमेंट रोड बनाने स्वीकृति

10 से अधिक वार्डों को जोड़ेगी सड़क।

नहर में गंदगी भरी हुई थी अब बनेगी सड़क...

जल संसाधन विभाग की अनुपयोगी माइनर को मलबे से पाटकर यहां सीमेंट रोड का निर्माण किया जाएगा। माइनर में नालियों की गंदगी भर रही थी। अब यहां 50 लाख की लागत से सीमेंट रोड का निर्माण किया जाएगा। भविष्य में कर्मचारी नगर रोड से धमधा रोड पर बनी मुरुम रोड का सीमेंटीकरण भी किया जाएगा। चंद्रिका चंद्राकर, महापौर, दुर्ग

टू-लेन सड़क बनने से हजारों लोगों को फायदा...

चार साल पहले माइनर की जगह पर रोड निर्माण की मांग के बाद कुछ हिस्सा पाटकर मुरुम रोड बनाई गई। इसके बाद निगम अफसरों ने काम बंद करा दिया। हाल ही में फंड स्वीकृत होने पर सीमेंट रोड निर्माण शुरू किया गया। टू लेन रोड बनने से रोज हजारों लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी। डी प्रकाश, पार्षद, वार्ड 16

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