बिलासपुर |युवती के हत्या के आरोपी को निचली अदालत द्वारा बरी करने के खिलाफ उसने पिता और राज्य शासन ने याचिका प्रस्तुत की है। हाईकोर्ट ने इसे सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। मामला दुर्ग जिले के जामुल का है। जामुल, दुर्ग के गोकुल नगर में रहने वाले कन्हैया लाल यादव ने अपनी बेटी सीमा यादव की हत्या के आरोपी को बरी करने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है, इसमें कहा गया है कि आरोपी शिवशंकर यादव उनकी बेटी से एकतरफा प्रेम करता था। उसने उसकी शादी किसी दूसरी जगह करने पर परिवार को तबाह करने की धमकी भी दी थी। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी थी। आरोपी के डर से उन्होंने अपनी बेटी की शादी यूपी के मऊ जिले में की थी। 21 जून 2014 को शादी के बाद उनकी बेटी पहली बार मायके आई। 31 अक्टूबर 2014 की रात करीब 7 बजे उसके मोबाइल पर कॉल आया और वह बात करते हुए घर की छत पर चली गई। काफी देर तक वह नीचे नहीं आई तो उसकी मां छत पर गई, यहां देखा कि सीमा खून से लथपथ पड़ी थी।
मां का आरोप है कि उसने जिस व्यक्ति को वहां से भागते हुए देखा वह शिवशंकर यादव जैसा दिख रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी शिवशंकर यादव को गिरफ्तार किया गया। उसकी जानकारी के आधार पर चाकू और खून लगे कपड़े जब्त किए गए। पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया था। अभियोजन ने 13 गवाह प्रस्तुत किए। सुनवाई पूरी होने के बाद दुर्ग के सत्र न्यायालय ने आरोपी को बरी कर दिया था। इसके खिलाफ मृतका के पिता कन्हैयालाल यादव ने अधिवक्ता अशोक वर्मा और गजेंद्र कुमार साहू के खिलाफ और राज्य शासन ने हाईकोर्ट में अपील प्रस्तुत की है। जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस आरपी शर्मा की बेंच ने अपील को अंतिम सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।