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डेढ़ माह से चहारदीवारी में कैद है एक परिवार

3 वर्ष पहले
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जमीन का हिस्सा मांगा तो परिवार के 10 लोगों को डेढ़ माह से घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। घर से बाहर निकलने वाले रास्ते को भी स्थाई रूप से बंद कर दिया है गया। पूरे परिवार का हुक्का-पानी बंद कर है। भयभीत परिवार के 8 लोग अपने रिश्तेदारों के घर में शरण लिए हुए हैं। घर में सिर्फ एक 80 वर्षीय वृद्ध व उसका छह वर्ष का पोता है। जो जेल की तरह चहारदीवारी के भीतर कैद है। दबंगों के डर से अगल-बगल का भी कोई सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। मामला गिरिडीह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के लेदा गोसांई टोला गांव की है। जहां बिनोद गोस्वामी द्वारा अपने ही गोतिया कामेश्वर गोस्वामी के घर में प्रवेश करने वाले रास्ते पर ईंट का दीवार खड़ा कर कामेश्वर गोस्वामी के घर में प्रवेश पर रोक लगा दिया है।

पीड़ित परिवार।

पंचों के फैसले पर अमल नहीं

चार माह पूर्व बैठक कर लेदा सड़क मार्ग से कामेश्वर गोस्वामी के घर तक जाने के लिए आठ फीट ज्वाइंट रास्ता देने का फैसला हुआ था। इसे लेकर पंचनामा भी बना था, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। इसमें जमीन पर 8 फीट का रास्ता छोड़े जाने के बाद जो जमीन बचेगी उसे तीन बराबर हिस्सों में बंटवारे की बात कही गई थी।

भोजन-पानी को मोहताज है परिवार

कामेश्वर के 85 वर्षीय पिता परन गोस्वामी ने कहा मुफ्फसिल पुलिस के शह पर उसके गोतिया दबंगई कर रहे हैं। झूठे केश में फंसाने के बाद घर घुसने पर पाबंदी लगा दी गई है। रास्ता बंद कर दिया गया है। बिनोद गोस्वामी, हुरो गोस्वामी, गंदौरी गोस्वामी धन व जन दोनों से मजबूत है। लिहाजा घर पहुंचते ही लोग मारपीट करने लगते हैं। ऐसे में पूरा परिवार घर छोड़ रिश्तेदारों के यहां पनाह लिए हुए हैं। प|ी सरस्वती देवी (80) सिर्फ घर की चहारदीवारी के भीतर कैद है। वह दाने-दाने को मोहताज हो रही है। पुलिस भी उसी को सहयोग कर रही है। बंद रास्ते को लेकर कई बार खबर दी गई, उपायुक्त के समक्ष प|ी धरना पर बैठी, रास्ता दिलवाने का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुआ है। ऐसे में अब जिला प्रशासन के सामने आमरन अनशन पर बैठेंगे। इसके अलावा कोई उपाय भी नहीं बचा है।

इसलिए बंद किया रास्ता

इधर बिनोद गोस्वामी कहना है कि कामेश्वर गोस्वामी के परिजन पहले बगल के गली से आवागमन करते थे। पंचों के फैसले के अनुसार हम दो गोतिया ने अपना बना पुराना मकान तोड़कर कामेश्वर को आठ फीट रास्ता दिया था। विनोद ने बताया कि पुलिस ने रास्ता को बन्द करने को कहा, इसके बाद बंद कर दिया।

पुलिस क्यों बंद कराएगी रास्ता : थानेदार

रास्ता बंद करने का अधिकार किसी को नहीं है, और पुलिस क्यों बंद कराएगी रास्ता। सरासर झूठ बोला जा रहा है। यदि सचमुच में रास्ता बंद है तो पुलिस रास्ता खुलवाएगी। कामेश्वर गोस्वामी सहित परिवार के 8 सदस्य नामजद अभियुक्त हैं। \\\'\\\' संजीव मिश्रा, थानेदार, मुफ्फसिल गिरिडीह

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