शिविर में बालकों से पूजा मंत्र का कराया अभ्यास
सुमेरपुर| ब्रह्म वर्चस्व एवं संस्कृति सम्वर्धन महाभियान के तहत नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित पांच दिवसीय निशुल्क संस्कार शिविर का समापन रविवार को संयोजक पंडित कृष्णकुमार दवे के सान्निध्य में हुआ। संयोजक दवे ने कहा कि सुसंस्कारित शिक्षा से ही चरित्र का निर्माण संभव है। उन्होंने बताया कि चाणक्य जैसे ब्राह्मण की आज आवश्यकता है। समापन के दौरान शिक्षकों द्वारा शिविर में संध्या व पूजा मंत्र का बालकों से अभ्यास करवाया गया। शिविर प्रभारी राजेंद्र शास्त्री ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि शिविर में पिंडवाड़ा, नांदिया, कालंद्री, सिरोही, फालना, खीमेल, भंदर, भाटूंद, शिवगंज, सुमेरपुर से शिविरार्थियों ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक व खेलकूद गतिविधियों में भाग लिया। कोषाधिकारी मोहन बोहरा ने आभार व्यक्त किया। समारोह में सम्मेलन प्रभारी तरूण त्रिवेदी, सहप्रभारी सुरेंद्रसिंह राजपुरोहित, रमणीक त्रिवेदी, मीडिया प्रभारी राजेश जोशी, भावेश दवे, नगेन्द्र व्यास आदि मौजूद थे।