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भलुरों की ढाणी में 5 साल से जलापूर्ति नहीं

3 वर्ष पहले
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क्षेत्र के ग्राम पंचायत भुर्जगढ़ की भलुरों की ढाणी में पिछले पांच साल से जलापूर्ति ठप है। वहीं बनी जीएलआर खंडहर की तरफ तब्दील हो रही है। गर्मी के मौसम में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की इस तरफ नजर तक नहीं पड़ रही है। ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में पानी को लेकर बूंद-बूंद को तरसना पड़ रहा है। वहीं ट्रैक्टरों के टैंकरों से मजबूरन मनमाने दामों से पानी डलवाना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत की गई पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

भीखोड़ाई . भीषण गर्मी लू के थपेड़ों से जहां आमजन भोर की पहली किरण के साथ ही पीने के पानी की जुगाड़ कर जैसे तैसे प्यास बुझा रहा है। लेकिन ठीक इसके विपरीत गांवों ढाणियों में पशु कुंड सूखे होने के कारण आवारा गोवंश का पानी के अभाव में बुरा हाल हो रहा है। एक ओर अकाल की विभीषिका के चलते चारा नसीब नहीं हो पा रहा है तो दूसरी ओर पानी के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर है। बावजूद इसके इस ओर ना तो जन प्रतिनिधि ध्यान दें रहें हैं ना ही सरकार। साथ ही अभी तक पशु शिविर शुरू नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में गोवंश चारे की तलाश में काल के गाल में समा रहा है। दूसरी ओर सूखे चारे के भाव आसमान छू रहे हैं जो की गरीब पशुपालक खरीदने में समर्थ नहीं होने के कारण पशुधन को भगवान भरोसे छोड़ने को मजबूर है।

रामगढ़. कस्बे के निकटवर्ती गांव नेतसी के वाशिंदों को भीषण गर्मी में पेयजल संकट से राहत नहीं मिल रही है। गांव में बनी जीएलआर सूखी पड़ी है और होदियां खाली पड़ी है। स्थानीय वाशिंदों के साथ पशुधन बेहाल है। मूक पशु इस गर्मी में अपना हलक तर करने पशु होदियों के पास पहुंचते है लेकिन वहां पानी नहीं होता। ऐसे में मूक पशु पीने के पानी के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया लेकिन पेयजल संकट से निजात दिलाने का स्थाई समाधान नहीं किया जा रहा है। जलदाय विभाग की लापरवाही व उदासीनता के चलते स्थानीय वाशिंदों के साथ पशुधन के लिए भी पानी नहीं है।

फलसूंड. भूर्जगढ़ क्षेत्र में पानी के अभाव में जर्जर हुई पशुखेली।

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