सिविल ड्रेस में पलवल से दिल्ली अौर दिल्ली से पलवल तक शटल ट्रेनों के महिला कोच में सफर करने वाले दिल्ली पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली गई है। अारपीएफ अब इनकी फोटो खींचकर दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजेगी। क्योंकि महिला यात्रियों से लगातार मिल रहीं शिकायतों पर आरपीएफ ने यह निर्णय लिया है। गुरुवार को आरपीएफ की दिल्ली में हुई क्राइम मीटिंग में भी यह मुद्दा उठा था। अधिकारियों ने अभियान चलाकर इस पर सख्ती करने के आदेश दिए।
कोसीकलां से पलवल, बल्लभगढ़ और फरीदाबाद हाेते हुए नई दिल्ली जाने वाली शटलों के महिला कोच में सुबह-शाम दर्जनों की संख्या में दिल्ली पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में सफर करते हैं। शाम के वक्त वापसी में ये पुलिसकर्मी महिला कोच में सीट तक पर कब्जा कर बैठ जाते हैं। खास बात यह है कि महिलाओं को खड़ी देखने के बाद भी सीट खाली नहीं करते। कई बार महिलाओं ने इसकी शिकायत भी कर चुकी है लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
आज से शुरू होगा अभियान, महिला कोच को चेक करने के लिए पीक आवर्स में कैमरे के साथ आरपीएफ और जीआरपीकर्मी प्लेटफार्म पर रहेंगे मौजूद
यदि कोई पुलिसकर्मी काम में हस्तक्षेप करेगा तो उसके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत चालान भी होगा
उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने के बाद आरपीएफकर्मियों ने जीआरपी के साथ मिलकर फरीदाबाद और बल्लभगढ़ स्टेशन पर ऐसे पुलिसकर्मियों की फोटो खींचने की योजना तैयार कर ली है। आरपीएफ थाना प्रभारी आरके लांबा ने बताया कि शनिवार से ही इस अभियान को शुरू कर दिया जाएगा। जो भी दिल्ली पुलिसकर्मी महिला कोच में पाया जाएगा उसकी फोटो खींचकर डाटा तैयार दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि ऑन ड्यूटी जीआरपी व आरपीएफकर्मी को छोड़ किसी भी व्यक्ति को महिला कोच में सफर करने की इजाजत नहीं है। इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। यदि कोई पुलिसकर्मी काम में हस्तक्षेप करेगा तो उसके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत चालान भी किया जाएगा।