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स्मार्ट सिटी के खाते में 375 करोड़, लेकिन दो साल में बने केवल ई-टॉयलेट व ओपन जिम, बाकी अधर में

3 वर्ष पहले
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स्मार्ट सिटी में डेवलपमेंट की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने स्पेशल आईएएस मोनिका गुप्ता को नियुक्त किया है। इन्होंने मॉनिटरिंग भी शुरू कर दी है। गुप्ता के मुताबिक सीएम का फोकस बड़खल लेक पर अधिक है। इसे भरने की प्लानिंग बड़े स्तर पर तैयार की जा रही है। गुप्ता ने माना कि फरीदाबाद में स्मार्ट सिटी का काम स्लो है। यही कारण है कि सरकार ने स्मार्ट सिटी के काम के लिए उनकी स्पेशल नियुक्ति की है। दरअसल 24 मई 2016 को स्मार्ट सिटी में चुने जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। अहम बात यह है कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से स्मार्ट सिटी के अकाउंट में 375 करोड़ रुपए कई माह से जमा हैं लेकिन अफसर प्लानिंग तैयार नहीं कर पा रहे हैं। स्मार्ट सिटी में काम के नाम पर केवल ई-टॉयलेट और ओपन जिम ही तैयार हो सके हैं। इन पर भी कई तरह के आरोप लग चुके हैं। इसलिए स्मार्ट सिटी को जमीनी हकीकत में उतारने के लिए सरकार ने स्पेशल आईएएस की नियुक्ति की है।

पीएमसी है लेकिन सलाहकार रखे हुए

स्मार्ट सिटी के काम कराने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट (पीएमसी) कंपनी की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके बावजूद यहां सलाहकार रखे हुए हैं। जानकारों का मानना है कि जब पीएमसी काम कर रही है तो सलाहकार की जरूरत नहीं है। इससे बेवजह सरकार को करीब दो लाख रुपए का अतिरिक्त भार सहन करना पड़ रहा है। सलाहकार की नियुक्ति को लेकर कई बार निगम सदन में भी हंगामा भी हो चुका है।

स्मार्ट सिटी में शामिल एरिया

स्मार्ट सिटी के पहले चरण में 1267 एकड़ एरिया का चयन किया गया है। इसमें फ्रेंड्स कॉलोनी, कारखाना बाग, सेक्टर-20, संत नगर, अजरौंदी गांव, सेक्टर-20ए, गांव फतेहपुर चंदीला, सेक्टर-21बी के साथ लगती कॉलोनियां, एसजीएम नगर एफ तथा जी ब्लॉक, इंद्रा एन्क्लेव, सेक्टर-21डी, शास्त्री कॉलोनी, गोपी कॉलोनी, शिव कॉलोनी, राजा गार्डन, बाबा नगर, एनएच-5, निसन हट समेत सेक्टर-19 का एरिया शामिल है।

अब स्पीड से होंगे काम

स्मार्ट सिटी की एडिशनल सीईओ मोनिका गुप्ता ने कहा कि सरकार ने उन्हें स्मार्ट सिटी के लिए स्पेशल भेजा है। इसलिए तेजी से विकास होगा। रुके हुए सभी कामों की सूची मंगाई है। बजट की कमी नहीं है। इसलिए काम होने में अड़चन नहीं आएगी। बड़खल लेक को भरना भी फोकस में रहेगा क्योंकि सीएम के आदेश हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि जल्द ही कई योजनाएं धरातल पर शुरू हो जाएं।

ये था अफसरों का दावा

दिसंबर 2017 में में शहर में 13 स्थानों पर स्मार्ट टॉयलेट बनने थे।

दिसंबर में ही 5 स्थानों पर ओपन एयर जिम तैयार होने थे।

शहर में जीपीएस बेस्ड प्रापर्टी मैपिंग जुलाई 2017 में होनी थी।

जुलाई में ही टैक्सी, कार तथा ऑटो रिक्शा के लिए पार्किंग स्थल, चार स्थानों पर ई-रिक्शा स्टैंड, 15 स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तथा 1 स्मार्ट रोड का कार्य आबंटित होना था।

अगस्त 2017 में पानी के स्मार्ट मीटर, स्काडा सिस्टम, ऑनलाइन वाटर क्वालिटी मानिटरिंग सिस्टम, सड़कों के चौराहों का सुधारीकरण व अन्य कार्यों का आबंटन होना था।

सितंबर 2017 में फतेहपुर चंदीला और संत नगर में लैंड स्केपिंग, अंडर ग्राउंड केबलिंग का काम, छतों के ऊपर सोलर सिस्टम का कार्य शुरू होना था।

अक्टूबर 2017 में बड़खल लेक पर स्मार्ट पार्किंग, अंडर ग्राउंड केबल तथा 24 किलोमीटर लंबे फुटपाथ का कार्य शुरू होना था।

अक्टूबर में ही सीवरेज और स्ट्रोम वाटर का सुधारीकरण, वेस्ट वाटर रिसाइकल तथा फतेहपुर चंदीला एवं संत नगर में 24 घंटे वाटर सप्लाई, सीवरेज सिस्टम व अंडर ग्राउंड केबल के कार्य आबंटित होना था।

दिसंबर 2017 में 54 किलोमीटर इंटरनल रोड का सुधारीकरण, फतेहपुर चंदीला और संतनगर की एप्रोच एवं आंतरिक रोड लेन तथा अंडर ग्राउंड केबल का कार्य आबंटित होना था।

फरीदाबाद. स्मार्ट सिटी एरिये के सेक्टर 21 में टूटी पड़ी सड़क।

अफसर बदलते रहते हैं

24 मई को स्मार्ट सिटी का चयन किया गया था। उस समय निगम कमिश्नर आदित्य दहिया थे। कुछ दिन बाद इनका तबादला हो गया। बाद में आईएएस सोनल गोयल आईं। इन्हें स्मार्ट सिटी का सीईओ बनाया गया। लेकिन कुछ माह बाद इनका भी तबादला हो गया। बाद में निगम के एडिशनल कमिश्नर पार्थ गुप्ता को सीईओ बनाया गया लेकिन कुछ माह बाद इनका भी तबादला हो गया। इसके बाद निगम कमिश्नर मोहम्मद शाइन को सीईओ बनाया गया। अब 10 मई को आईएएस मोनिका गुप्ता को स्मार्ट सिटी का एडिशनल सीईओ नियुक्त किया गया है। सीईओ के लगातार तबादलों के चलते स्मार्ट सिटी का तेजी से विकास नहीं हो पाया।

फरीदाबाद. बड़खल झील।

2 साल में केवल ये काम हुए

स्मार्ट सिटी के तहत सेक्टर-19, 21बी, 21डी में ओपन जिम बन गए हैं। इनकी लागत करीब 35 लाख रुपए आई है। इसके अलावा सेक्टर-21बी में 1, सेक्टर-21डी में दो और सेक्टर-19 में दो ई-टॉयलेट शुरू कर दिए हैं। इनकी लागत करीब 1 करोड़ रुपए आई है।

सीएम ने आईएएस को भेजा

मोनिका गुप्ता दिल्ली की रहने वाली हैं। वे 2014 बैच की आईएएस हैं। उनकी पहली पोस्टिंग अंबाला के नारायणगढ़ में एसडीएम के रूप में हुई थी। अब सीएम ने उन्हें स्मार्ट सिटी का कामकाज देखने के लिए यहां भेजा है।

स्मार्ट सिटी के लिए अब स्पेशल आईएएस की नियुक्ति कर दी है। अब तेजी से काम होंगे। स्मार्ट सिटी का काम देख रहे अधिकारियों की मीटिंग लेते रहते हैं। हमारी पूरे प्रोजेक्ट पर नजर है। जल्द ही और बड़े काम शुरू होंगे। -मोहम्मद शाइन, कमिश्नर, नगर निगम।

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