फरीदाबाद| नगर निगम योजना शाखा में भारतीय लोक लेखा परीक्षक संस्थान की जांच रिपोर्ट में 5.859 करोड़ रुपए का नुकसान होने की बात सामने आने के बाद अब संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कंप्लेंट पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंच गई है। यहां से यह एसजीएम नगर थाने जाएगी। इसके बाद पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी। निगम अधिकारियों ने पहले कंप्लेंट सीधे एसजीएम नगर थाने में दी थी लेकिन वहां पुलिस ने इसे सीपी ऑफिस भिजवा दिया। पुलिस के मुताबिक इससे पहले भी निगम अधिकारी कंप्लेंट देकर एफआईआर दर्ज होने से रुकवा चुके हैं। इससे पुलिस को परेशानी होती है। इसलिए अब सीपी ऑफिस के माध्यम से ही कंप्लेंट आने पर इसे दर्ज किया जाएगा। एसएचओ राजेंद्र दलाल ने कहा कि वे मामले की गहनता से जांच कराएंगे कि कितना नुकसान हुआ है और किस अधिकारी का रोल है। सीपी ऑफिस से कंप्लेंट आने के बाद इसे दर्ज किया जाएगा। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि योजना शाखा में तैनात तत्कालीन कर्मचारियों ने जान बूझकर आवेदकों से सीएलयू चार्ज, ईडीसी, आईडीसी, कन्वर्जन शुल्क आदि नहीं वसूले। निगम आयुक्त ने रिपोर्ट के आधार पर 1999 से लेकर 2017 तक योजना शाखा में तैनात रहे सीनियर टाउन प्लानर, डिप्टी टाउन प्लानर सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया है।