सरकार और हड़ताली कर्मचारियों के बीच बातचीत विफल होने के बाद निगम प्रशासन ने शहर में निजी कर्मचारियों से शनिवार को सफाई शुरू कराई, लेकिन निजी कर्मचारियों को हड़ताली कर्मचारियों का भारी विरोध झेलना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हड़ताली कर्मचारियों ने सफाई काम काम बंद करवा दिया। जहां सफाई हुई थी वहां कूड़ा उठा कर सड़कों पर बिखेर दिया। दोपहर बाद तक प्रशासन और हड़ताली कर्मचारी एक-दूसरे का विरोध करते रहे। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा सहित प्रदेश के कई संगठनों ने कर्मचारी कल्याण की सरकारी घोषणाएं लागू किए जाने को लेकर 9 मई से हड़ताल कर रखी है। सरकार ने हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए एस्मा लागू कर दिया था। बावजूद इसके कर्मचारी काम पर नहीं लौटे।
आउटसोर्सिंग पर भर्ती कर्मियों से कराई सफाई
सरकार ने सफाई के लिए आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी रखने के निर्देश जारी किए हैं। इस आधार पर निगमायुक्त मोहम्मद शाइन ने शुक्रवार को करीब 200 निजी सफाई कर्मचारियों को काम पर बुलाया था। शनिवार को ये सब सफाई कर्मचारी निगम सभागार में एकत्र हुए। इनमें से कुछ कर्मचारियों को हार्डवेयर चौक और तिकोना पार्क में सफाई के लिए अधिकारी अपने साथ ले गए। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों को इसकी भनक लग गई। प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री के नेतृत्व में अनेक महिला-पुरुष मौके पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। निजी कर्मचारियों को लाने वाले बसपा नेता सुनील कंडेरा का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में हड़ताली महिला कर्मचारियों ने उनसे उन पर पत्थर फेंके। हड़तालियों ने निजी कर्मचारियों को खदेड़ दिया। दोपहर बाद हड़ताली कर्मचारी जुलूस की शक्ल में बीके चौक से निकले और सरकार विरोध नारेबाजी करते हुए तिकोना पार्क से होते हुए लखानी धर्मशाला की ओर मुड़ गए। रास्ते में जहां कहीं भी सफाई दिखी इन लोगों ने खत्तों से कूड़ा उठाकर सड़कों पर बिखेर दिया। राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगे माने जाने तक हड़ताल पर रहेंगे।
फरीदाबाद. एनएच2 लखानी धर्मशाला के पास पुलिस की निगरानी में सफाई करते ठेके पर भर्ती हुए कर्मचारी।