दसवीं बोर्ड परीक्षा में सिपाही की बेटी ने बिना कोचिंग के डिस्ट्रिक टाप करने में सफलता हासिल की है। शाहजहांपुर गांव की रहने वाली रेनू कुमारी ने बोर्ड परीक्षा में 483 अंक हासिल किए है। रेनू नॉन मेडिकल की पढ़ाई करके इंजीनियर बनना चाहती है। इसके लिए उसने अभी से तैयारी भी शुरू कर दी है। मोहना के एसडी मेमोरियल स्कूल के प्रिंसीपल टेकपाल अत्री ने बताया कि रेनू पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों में भी टाप पर रहती है। रेनू के पिता मोहन सिंह हरियाणा पुलिस में सिपाही है। टेकपाल के अनुसार शुरुआत में रेनू ने बोर्ड परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए कोचिंग करने की सलाह मांगी थी। लेकिन उन्होंने कोचिंग लेने से साफ इंकार करते हुए केवल घर पर पढ़ाई करने की सलाह दी। रेनू के पिता मोहन सिंह बताते हैं कि उन्हें अपनी का नाम मेरिट सूची में आने की पूरी उम्मीद थी। लेकिन अब बेटी ने उम्मीद से दोगुनी खुशी दे दी है।
दसवीं में जिले में टॉप करने वाली रेनू को मिठाई खिलाते परिजन।
बिना तनाव के चार से पांच घंटे की पढ़ाई
रेनू बताती है कि उन्होंने बिना तनाव के चार से छह घंटे पढ़ाई की। पहले भी वह इतने ही समय पढ़ाई करती थी। वह बताती है कि कुछ स्टूडेंट्स परीक्षा का समय करीब आते ही अधिक देर तक पढ़ाई करने लगते हैं। जिससे प्रभाव उनकी सेहत पर भी पढ़ता है। परीक्षा के दौरान पढ़ाई के समय में कोई बदलाव नहीं करना चाहिए।