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शिव खेड़ा को सवा करोड़ की चपत लगाने वाला ठग अरेस्ट

3 वर्ष पहले
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साउथ दिल्ली के सैनिक फार्म और डिफेंस कॉलोनी में दो घर, मर्सिडीज कार और होटल में खानपान जैसे शौक। इस तरह ऐशो आराम की जिंदगी जीने वाले एक हाईप्रोफाइल जालसाज को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस करोड़पति आरोपी की पहचान पंकज दयाल के तौर पर हुई है। उस पर दिल्ली, गुडगांव से लेकर श्रीनगर तक धोखाधड़ी के केसे दर्ज हैं। टेक्निकल सर्विलांस व गूगल मैप का सहारा लेकर पुलिस ने आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। कुछ साल पहले आरोपी ने लेखक शिव खेड़ा को जमीन दिलाने के नाम पर सवा करोड़ की चपत लगाई थी। जांच में पता चला है कि आरोपी अभी तक 25 करोड़ से ज्यादा की रकम लोगों से ऐंठ चुका है।

पंकज दयाल।

जमीन के लिए लोन का झांसा देता था, ठग भेजा गया जेल

आरोपी पर वसंत विहार, डिफेंस कॉलोनी, तुगलक रोड, आर्थिक अपराध शाखा, गुड़गांव और श्रीनगर में धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं। इसने शाम कंस्ट्रक्शन कंपनी और रियलटेक कंस्ट्रक्शन लिमिटेड जैसी नाम की कई कंपनियां खोल रखी थीं। साथ पंकज कुमार अग्रवाल, परविंदर सिंह और कपिल त्यागी देते थे। ये लोग न केवल लोगों को सस्ती जमीन दिलाने का दम भरते थे बल्कि उन्हें लोन की व्यवस्था भी खुद करवाने का झांसा देते थे। अपने शिकार से ये पहले टोकन मनी और फिर प्रॉपटी की पूरी रकम हड़पने के बाद चंपत हो जाते थे।

ऐसे बिछाता था जाल... कई कंपनियों का डायरेक्टर बताता था

आरोपी अपनी लाइफ स्टाइल और बातचीत करने के तौर तरीके से लोगों को बेहद आसानी से अपने फरेब के जाल में फंसा लेता था। वह बीते कई सालों से लोगों से ठगी करने में लगा था। अक्सर लोगों से मीटिंग करने के लिये वह उन्हें होटल में बुलाता था। साउथ वेस्ट डीसीपी मिलिंद डुम्बरे ने बताया खुद के साथ हुई ठगी की बाबत पीड़ित लेखक शिव खेड़ा ने साल 2014 में वसंत विहार थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस को बताया गया कि नजफगढ़ के झटिकरा गांव में सवा दो एकड़ कृषि जमीन देने के नाम पर उनसे सवा करोड़ की ठगी की गई। उन्हें धोखे में रखकर यह फर्जीवाड़ा किया गया। बाद में आरोपी ने न तो जमीन दी और और न रकम वापस लौटाई। आरोपी खुद को कई कंपनियों का डायरेक्टर बताया करता था। दूसरे की जमीन को अपना बताकर वह उसका सौदा कर लेता था। आरोपी पर छह मुकदमे दर्ज हैं, एक केस कोर्ट में भी चल रहा है।

14 साल से कर रहा ठगी लेकिन कभी गिरफ्तार भी नहीं हुआ

14 सालों से वह इस ठगी के धंधे में लगा हुआ था। उसकी किसी भी मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई थी। वह इससे बचने के लिए पीड़ित से सांठगांठ कर कोर्ट से अग्रिम जमानत ले लेता था। इसके खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट भी जारी था। 14 मई की सुबह से पुलिस इसके पीछे लगी थी। फरीदाबाद, गुडगांव से लेकर हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में होते हुए वह नेहरू प्लेस स्थित इरोज होटल जा पहुंचा। पुलिस इसके पकड़ने के लिए टेक्निकल सर्विलांस के साथ गूगल मैप का भी सहारा ले रही थी। आखिरकार इसे होटल से रात को दबोच लिया गया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपी लोगों को मास्टर प्लान के तहत एल जोन में जमीन खरीदने का झांसा देता था। उसका दावा होता था कि यह जमीन दिल्ली सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी में आने वाली है, जिस कारण लोग कृषि वाली जमीन भी खरीदने के लिए झांसे में आ जाते थे। श्रीनगर में दर्ज आपराधिक केस में उसे भगोड़ा तक घोषित किया जा चुका है।

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