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72 घंटे बाद भी ढर्रे पर नहीं आई बिजली, 30 ट्रांसफार्मर 11 केवी की 126 लाइनें डैमेज, सड़कों पर उतरीं महिलाएं

3 वर्ष पहले
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72 घंटे बाद भी जिले की बिजली व्यवस्था ढर्रें पर नहीं आ सकी है। रविवार शाम तूफान व बारिश ने शहर के बिजली सिस्टम को बुरी तरह डैमेज कर दिया। इससे लगातार तीसरे दिन भी कई क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। इस तूफान से बिजली निगम को करीब एक करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। सबसे अधिक नुकसान ग्रीन बेल्ट में आ रही लाइनों को हुआ है। यहां पूरी तरह से लाइनों को बदला जा रहा है। मंगलवार को भी बिजली निगम के अाला अधिकारियों समेत कांट्रेक्टर, आउट सोर्स कर्मचारी व टेक्निकल स्टाफ फील्ड में लगा रहा। दो दिन बीतने के बाद भी कई इलाकों की बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। इससे लोगों में निगम के खिलाफ गुस्सा है। संत नगर के लोग तीन दिन से बिजली न आने पर हाइवे जाम करने पहुंच गए। वहां पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके अलावा शहर के कई क्षेत्रों में पूरे दिन सप्लाई बाधित रही। इससे लोग परेशान रहे। ये लोग कंट्रोल रूम व अधिकारियों को फोन लगाते रहे। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

निगम के नुकसान की पहली रिपोर्ट

रविवार को तूफान ने सबसे अधिक नुकसान बिजली सिस्टम को पहुंचाया। लाइनें इस तरह डैमेज हो गई हैं कि बिजली निगम की टीमें अभी तक नुकसान का पूरा आंकलन नहीं कर पाई हैं। तीन दिन से निगम का फोकस शहरी यानि अर्बन फीडरों से बिजली सप्लाई को बहाल करने का है। इसमें निगम का पूरा महकमा जुटा हुआ है। तूफान के बाद अभी निगम की ओर से नुकसान की जो पहली रिपोर्ट जारी की गई है उसमें 258 बिजली के खंभे, 30 ट्रांसफार्मर 11 केवी की 126 लाइनें डैमेज हुई हैं। यह सिर्फ अर्बन एरिया की पहली रिपोर्ट है। अभी नुकसान का अांकलन जारी है।

नुकसान की पहली रिपोर्ट जारी, निगम का अनुमान अभी और बढ़ सकता है नुकसान, जारी है सर्वे

तीन दिन बाद भी बिजली नहीं तो जाम

आंधी के बाद कई इलाकों में मंगलवार तक भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई। निगम के अाला अधिकारी से लेकर पूरी टीम फील्ड में सक्रिय है। आउटसोर्स के करीब 250 व बिजली निगम का करीब 500 कर्मियों का टेक्निकल स्टाफ दिन-रात फील्ड में काम कर रहा है। लेकिन नुकसान इतना है कि कई जगह सप्लाई को बहाल करने में तीन दिन से अधिक का समय लग गया। निगम की प्राथमिकता थी कि पहले अर्बन एरिया की सप्लाई को बहाल किया जाए। लेकिन सिस्टम को नुकसान इतना हुआ है कि कर्मचारियों को सप्लाई बहाल करने में काफी समय लग गया। एनआईटी-5, संत नगर, कृष्णा कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों में मंगलवार शाम तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। तीन दिन से गर्मी से परेशान संत नगर के लोगों ने मंगलवार को हाइवे पर जाकर जाम लगाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। यह मामला एसई के नोटिस में आते ही उन्होंने तुरंत वहां कर्मचारियों को भेजकर काम शुरू कराया।

हर बार होती है दिक्कत, नहीं लिया सबक

ऐसा पहली बार नहीं है कि आंधी व बारिश ने सिस्टम को डैमेज किया हो। हर बार ऐसा होता है। अगर आंधी तेज आती है तो नुकसान ज्यादा नहीं तो कम। हर बार बिजली निगम का सिस्टम फेल हो जाता है। इस सबके बावजूद बिजली निगम ने इससे कोई सबक नहीं लिया। लाइनें पेड़ों के बीच से गुजर रही हैं। बारिश आते ही पेड़ इन लाइनों के ऊपर गिरते हैं। इससे पूरी लाइन ध्वस्त हो जाती है। इसके बाद निगम की ओर से मेंटिनेंस वर्क शुरू किया जाता है, जो पर्याप्त स्टाफ व संसाधन न होने से कई दिन तक खिंचता जाता है।

एक करोड़ से अधिक का नुकसान

निगम की ओर से नुकसान के आकलन की रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें अभी तक का एक करोड़ का नुकसान दिखाया गया है। कई जगह तो बिजली के खंभों की पूरी चैन जड़ से उखड़ गई है। एक लाइन में खड़े 17-18 फीडर एक साथ नीचे गिर गए। इससे बिजली की तारें भी डैमेज हो गईं। इन जगहों पर नए ट्रांसफार्मर व बिजली के खंभे लगाकर पूरी लाइन डाली जा रही है। इस वजह से सप्लाई को बहाल करने में टाइम लग रहा है।

अर्बन एरिया में लाइनों को चालू किया गया

आंधी ने बिजली सिस्टम को काफी डैमेज किया है। कई जगह एक साथ 15-16 बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर की लाइन डैमेज हो गईं। लेकिन आउट सोर्स व हमारी टीमें फील्ड में दिन-रात लगी हुई हैं ताकि सप्लाई को जल्द बहाल किया जा सके। जहां दिक्कत अधिक थी, वहां लोड दूसरे फीडर पर डालकर सप्लाई को सुचारू कराया गया। अर्बन एरिया में मंगलवार शाम तक सभी लाइनों को चालू करा दिया गया। -पीके चौहान, एसई, बिजली निगम, फरीदाबाद।

ओल्ड में सबसे अधिक नुकसान

अभी तक की रिपोर्ट के आधार पर निगम को सबसे अधिक नुकसान ओल्ड फरीदाबाद डिवीजन में हुआ। यहां सेक्टर व ग्रीन एरिया अधिक होने से सबसे अधिक बिजली की लाइनें डैमेज हुई हैं। दूसरे नंबर पर एनआईटी डिवीजन। इसके बाद बल्लभगढ़ व ग्रेटर फरीदाबाद डिवीजन में लाइनों को नुकसान हुआ है।

तूफान से गईं 2 जिंदगी, बच्चे सहित दो की मौत

फरीदाबाद|
रविवार शाम को आए तूफान से 10 साल के एक बच्चे सहित दो युवकों की मौत हो गई। एक मामले में मुजेसर थाने की पुलिस ने बिजली अधिकारियों पर केस दर्ज किया है। मच्छगर गांव के सपेरा बस्ती में रहने वाले हरिआेम नाथ का 10 साल का बेटा मोहित सोमवार को घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान आए तूफान की वजह से वहां एक बिजली का खंभा गिरा पड़ा था। इस पर लगी तारों से माेहित का पैर छू गया। इस कारण उसे करंट लग गया और उसकी मौत हो गई। दूसरे मामले में सरूरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में फ्यूज लगाते समय संजय कॉलोनी निवासी जितेंद्र की मौत हो गई।

ग्रीनरी वाले इलाकाें में अधिक नुकसान

तूफान के बाद बिजली निगम काे सबसे अधिक नुकसान उन जगह हुआ जहां ग्रीनरी अधिक थी। ग्रीन बेल्ट, पार्क व जहां पेड़-पौधे अधिक थे, वहां बिजली की लाइनें अधिक डैमेज हुई हैं। अधिकतर जगह बिजली की लाइनें ग्रीन बेल्ट और ग्रीनरी से होकर गुजरती हैं। आंधी के दौरान पेड़ बहुत गिरे। जहां-जहां पेड़ गिरे, वे अपने साथ बिजली की लाइनों को भी तोड़ते हुए चले गए। लाइनों के साथ बिजली के खंभे भी टूट गए। ऐसे में सबसे अधिक डैमेज उन सेक्टर एरिया में हुआ जहां ग्रीनरी बहुत ज्यादा थी। इसके अलावा रूरल एरिया में भी पेड़ों की वजह से बिजली की लाइनों को भारी नुकसान हुआ है। बिजली नहीं आने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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