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हड़ताली कर्मचारियों को झटका, ईको ग्रीन कंपनी के 600 कर्मचारी उतरे मैदान में, रोज उठा रहे 700 टन कूड़ा

3 वर्ष पहले
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नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ते जा रहे कूड़े के ढेरों को अब उठाना शुरू कर दिया गया है। ईको ग्रीन कंपनी के 600 से अधिक कर्मचारी मैदान में आ गए हैं। उन्होंने कूड़ा उठाना शुरू कर दिया है। 24 वार्डों से डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए 160 गाड़ियां भी मैदान में दौड़ने लगी हैं। शहर से बंधवाड़ी तक कूड़ा पहुंचाने के लिए रोज करीब 65 चक्कर लगाए जा रहे हैं। ईकाे के अधिकारियों का दावा है कि रोज 700 टन कूड़ा उठ रहा है। जल्द कूड़े के ढेरों का सफाया हो जाएगा। उधर मांगों को लेकर निगम के हड़ताली कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। सीएम से बातचीत के बाद ही हड़ताल के समाधान की संभावना है।

हड़ताल का क्या पड़ रहा इफेक्ट

हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कहीं भी सफाई कर्मचारी झाडू नहीं लगा रहे। निगम कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी भी हड़ताल पर होने से रोज 10 हजार लाेग बगैर काम कराए वापस लौट रहे हैं।

निगम मुख्यालय में भी कूड़ा

निगम मुख्यालय में भी 9 मई से झाडू नहीं लग रही है। इस कारण यहां काफी गंदगी जमा हो गई है। रविवार को आए तूफान की वजह से पेड़ों की डालियां नीचे गिर गईं। निगम कमिश्नर के कार्यालय के बाहर भी काफी गंदगी जमा है।

कर्मचारी बोले, नहीं उठ रहा कूड़ा

कर्मचारी यूनियन के नेता नरेश शास्त्री का दावा है 9 मई से शहर में कूड़ा नहीं उठ रहा है। क्योंकि ईको ग्रीन कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। शास्त्री के अनुसार अब वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। यदि सरकार चाहती है कि हम काम करें तो हमारी मांगों की तरफ ध्यान देना होगा।

कंपनी बोली, हम उठवा रहे हैं शहर से कूड़ा

उधर ईको ग्रीन कंपनी के कोआर्डिनेटर संजीव अग्रवाल का दावा है कि शहर से कूड़े के ढेर उठाने शुरू कर दिए गए हैं। इसके लिए काफी कर्मचारी लगा दिए हैं। जल्द सभी कूड़े के ढेरों का सफाया कर दिया जाएगा। इसके लिए 600 से अधिक कर्मचारी रोज काम कर रहे हैं।

कर्मचारी यूनियन का क्या आरोप

कर्मचारी यूनियन के नेता शास्त्री का आरोप है कि उनकी बात सुनने के लिए सीएम और विभाग की मंत्री तैयार नहीं हैं। पिछले दिनों मंत्री के आवास पर कर्मचारी गए, लेकिन मंत्री बाहर नहीं आईं। इसके अलावा बड़खल में रोड शो करने आए सीएम ने भी उनसे मिलने से इंकार कर दिया। शास्त्री का आरोप है कि यह उन सभी कर्मचारियों का अपमान है। सरकार ने चुनाव से पहले जो वादे किए थे, उन्हें अब पूरा नहीं किया जा रहा है। आज काफी कच्चे कर्मचारी काम कर रहे हैं। उन्हें समान काम समान वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा अन्य कई मांगों की तरफ भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

निगम की कई ब्रांच में काम शुरू

हड़ताल के बीच निगम की कई ब्रांच में कुछ कर्मियों ने काम शुरू कर दिया है। टैक्स और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र वाली ब्रांच में मंगलवार को कर्मचारी काम करते हुए नजर अाए। हालांकि ऐसे कर्मचारियों को यूनियन के नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

फरीदाबाद. बीके से सेक्टर 12 डीसी ऑफिस तक पैदल मार्च के दौरान नेशनल हाइवे से गुजरते कर्मचारी।

कर्मचारी 9 मई से हड़ताल पर

निगम कर्मचारी मांगों को लेकर 9 मई से हड़ताल पर हैं। पहले यह हड़ताल तीन दिन की घोषित की गई थी, लेकिन सरकार के अड़ियल रवैये के चलते हड़ताल सोमवार तक कर दी गई। सोमवार शाम दिल्ली मे सीएम आवास पर प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण के साथ बेनतीजा रही मीटिंग के बाद हड़ताल 17 मई तक बढ़ा दी गई है। कर्मचारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है यदि इस दौरान उनकी मांगों का समाधान नहीं निकाला गया तो हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी जाएगी।

कर्मचारियों ने निकाला पैदल मार्च, ज्ञापन सौंपा

मंगलवार को हड़ताली कर्मचारियों ने बीके चौक से सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला। यहां डीसी की अनुपस्थित में एसडीएम सतबीर मान को ज्ञापन सौंपा गया। कर्मचारियों की मांग है कि उनका मांगपत्र सीएम तक पहुंचाया जाए।

हड़ताल को फेडरेशन का भी समर्थन

नगरपालिका कर्मचारी संघ द्वारा 9 मई से प्रदेशव्यापी हड़ताल को मंगलवार को म्युनिसिपल कार्पोरेशन इंप्लाइज फेडरेशन द्वारा समर्थन देने का ऐलान किया है। बैठक की अध्यक्षता फेडरेशन के प्रधान रमेश कुमार जागलान ने की, जबकि मंच संचालन महासचिव महेंद्र कुमार ने किया। जागलान ने कहा सरकार को संघ से बातचीत कर उनकी समस्याओं को हल करना चाहिए। यदि सरकार ने समय रहते संघ से बातचीत द्वारा मांगों का समाधान जल्द नहीं किया तो वह हड़ताल में भी शामिल होने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि बुधवार को कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के निवास पर होने वाले प्रदर्शन में नगरपालिका कर्मचारी संघ के साथ हिस्सा लेगा।

17 मई तक मांगें नहीं मानी तो सड़कों पर उतरेंगे कर्मचारी

पलवल|17 मई तक नगरपालिका कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो सभी विभागों के कर्मचारी हड़ताल के समर्थन में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने यह चेतावनी मंगलवार को नगर परिषद में नौ मई से हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि 30 हजार पालिका कर्मचारी पिछले सात दिन से भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में ये ठेका प्रथा समाप्त करने, ठेका कर्मचारियों को पक्का करने व 15 हजार न्यूनतम वेतनमान देने को पूरा करने के वादे पूरे कराने और समान काम के लिए समान वेतन देने, पुरानी पेंशन स्कीम व एक्स-ग्रेसियां रोजगार स्कीम बहाल करने आदि मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल पर है। इससे सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमा गई है और शहर कूड़े के ढेर में तब्दील हो गए है, लेकिन सरकार हड़ताल समाप्त कराने के प्रति गंभीर दिखाई नहीं दे रही। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने हड़ताली कर्मचारियों से कहा अगर 17 मई तक सरकार ने नगरपालिका कर्मचारियों की मांगों का बातचीत से समाधान नहीं किया तो हड़ताल अनिश्चितकालीन होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हड़ताली कर्मचारियों के बाल्मीकि जाति के बेरोजगार नौजवानों को पक्की नौकरी देने का लालच देकर बाल्मीकि जाति को आपस में लड़वाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा बाल्मीकि बस्तियां में मीटिंग कर सरकार की इस चाल के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके बाद सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने नगर परिषद पर एकत्र होकर शहर में प्रदर्शन किया और हड़ताल के प्रति एकजुटता को दिखाया। प्रदर्शन के बाद सीएम के नाम डीसी को ज्ञापन दिया गया।

पलवल. सफाई कर्मचारी व बिजली कर्मचारी मशाल जुलूस निकालते हुए।

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