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रिश्वत मांगने की शिकायत पर पटवारी चार्जशीट अधिकारियों पर लगे आरोप तो दिए जांच के आदेश
ग्रीवांस कमेटी की बैठक में शुक्रवार को मंत्री कृष्ण कुमार बेदी एक्शन मोड में नजर आये। उनकी नजर अधिकारियों पर टेढ़ी दिखी। बीघड़ रोड पर स्थित कम्युनिटी सेंटर में हुई बैठक में 20 में से 12 शिकायतों का निपटान किया गया। मंत्री ने रिश्वत न मिलने पर गांव कमाना के किसानों को खराब फसल का आंकलन कम करने वाले पटवारी पर एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट करने के आदेश दिए है।
गांव कमाना के अमर सिंह, गुरपाल सिंह आदि ने बताया कि 2016 में ओलावृष्टि के कारण गांव के 8 परिवारों की 60 एकड़ गेहूं की फसल खराब हो गई। गिरदावरी के समय पटवारी जग्गू राम ने किसानों से प्रति एकड़ एक हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। नहीं देने पर उनकी खराब फसल का आकंलन कम दिखाया। जिसके कारण उन्हें मुआवजा नहीं मिला जबकि उसके पड़ोसियों को मुआवजा मिला है। एसडीएम देवीलाल सिहाग ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया कि पटवारी की लापरवाही है। मंत्री ने पटवारी को चार्जशीट करने के आदेश दिए है। आश्वासन दिया है कि वे उनके गांव का स्पेशल केस बनवाकर मुआवजे की मांग को लेकर सीएम से मिलेंगे।
शिकायतकर्ता ने मौके पर मंत्री बेदी को दिखाए कागज
फतेहाबाद। कम्युनिटी सेंटर में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी को कागज दिखाते हुए शिकायतकर्ता।
कष्ट निवारण समिति के सदस्य पर भी भड़के मंत्री जी
बैठक के दौरान गांव ढांड निवासी रामप्रताप ने शिकायत रखी कि काडा विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार ने मिलकर खाल को पक्का बनाने व सही लेवल में होने के बाद उसे तोड़ दिया। जिसके कारण खेतों के लिए किसानों को पानी नहीं मिला। यह मामला पिछली बैठक में भी रखा गया था। जांच कमेटी बनाई गई। किसान जांच कमेटी की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। इस पर मंत्री ने कहा कि राजपाल बेनीवाल से कहा कि आपने क्या चुनाव लड़ना है जिसके लिए आप शिकायतकर्ता को न्याय नहीं दिला पा रहे है। इसके बाद बेनीवाल अपनी बात बीच में छोड़कर माइक से हटकर वापिस सीट पर बैठ गये।
शिकायत लेकर दर्ज करो एफआईआर
गांव बनगांव के सुमित ने अपनी शिकायत में बताया कि ओल्ड बिग माइनर के निर्माण के दौरान एसडीओ परमवीर सिंह, जेई व ठेकेदार ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया है। खाल का लेवल भी ठीक नहीं है। जिसके कारण गांव की 650 एकड़ भूमि बंजर हो गई है। सुमित ने मंत्री को बताया कि सस्पेंड होने के बाद एसडीओ परमवीर सिंह उसे फंसाने के लिए एक महिला के माध्यम से झूठी शिकायतें दर्ज करवा रहा है। उन्होंने एसएचओ को आदेश दिए कि झूठी शिकायत देने वाले एफआईआर दर्ज करें।
विजिलेंस को घाेटाले की जांच के आदेश
टोहाना के सुरेंद्र कुमार ने बताया कि 2012 में टोहाना नप में विकास कार्यों में घोटाले की शिकायत की थी। लेकिन घोटाले का पता होने के बाद भी अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। 2017 में शिकायत सीएम विंडो में डाली गई तो एसडीएम टोहाना ने घोटालेबाजों पर रिकवरी डलवा दी। शिकायतकर्ता की मांग पर मंत्री ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए। इसी तरह टोहाना के ही धर्मवीर की शिकायत पर कृष्ण बेदी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच से करवाने के आदेश दिये।
सरपंच के खिलाफ दोबारा जांच के आदेश
बादलगढ़ के जरनैल सिंह ने शिकायत रखी कि सरपंच नीलम रानी फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव जीती। इस पर डीडीपीओ ने पक्ष रखा कि प्राथमिक दृश्टता से प्रमाण पत्र सही है। जबकि शिकायतकर्ता ने सुबूत दिखाते हुए स्पष्ट किया कि नीलम रानी एक दिन भी स्कूल नहीं गई। राज्य मंत्री ने एसडीएम रतिया, डीएसपी टोहाना, डीईओ और दो कष्ट निवारण समिति सदस्य बलदेव ग्रोहा और रमेश मेहता की एक कमेटी बना दोबारा जांच के निर्देश दिए।
करंट लगने से दोनों हाथ गवां चुके गांव जांडलीकलां के मनोज कुमार की मांग पर रेडक्रॉस सोसायटी से आर्थिक सहायता का चैक दिलवाया और सीएमओ को आदेश दिए। वहीं उसकी प|ी को सीएचसी भूना में आउट सोर्सिंग के माध्यम से नौकरी उपलब्ध करवाई जाये।