- Hindi News
- National
- शिक्षा विभाग ने की 134 ए की लिखित परीक्षा की तैयारी पूरी, बच्चे को कराना होगा एडमिट कार्ड अटेस्ट
शिक्षा विभाग ने की 134-ए की लिखित परीक्षा की तैयारी पूरी, बच्चे को कराना होगा एडमिट कार्ड अटेस्ट
निजी स्कूलों में फ्री शिक्षा पाने के लिए 15 अप्रैल रविवार की लिखित परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने एडमिट कार्ड जारी कर दिये है। खास व्यवस्था यह रहेगी कि हर बच्चे काे अपना एडमिट कार्ड अटेस्ट करवाना होगा। उसके बाद ही वह परीक्षा में भाग ले सकेगा। बीईओ कुलदीप सिहाग ने परीक्षा को शांतिपूर्वक करवाने को लेकर परीक्षा से जुड़े सुपरिटेडेंट, सुपरवाइजर, ऑब्जर्वर व शिक्षकों की ड्यूटियां लगाई और उन्हें निर्देश जारी किये। इस मौके पर एससीईआरटी कोर कमेटी के सदस्य अनुराग धारीवाल, राजकुमार, कुलविंद्र सिंह, मनोज कुमार, अभय सिंह, राधेश्याम, जोगेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।
शिक्षा के अधिकार की नियमावली 134-ए के तहत फतेहाबाद जिले में 4288 बच्चों ने फ्री शिक्षा के लिए आवेदन किया है। सबसे ज्यादा प्राइमरी विंग की कक्षाओं के लिए जबकि सबसे कम 12वीं कक्षा के लिए आवेदन मिले है। इसके अलावा रतिया में सबसे ज्यादा आवेदन 1363 विद्यार्थियों ने किए है। सबसे कम जाखल खंड में 80 ने आवेदन जमा करवाएं है। इसी तरह फतेहाबाद में 1185, भट्टूकलां में 129, टोहाना में 874 व भूना में 657 विद्यार्थियों ने 134-ए के तहत अपने आवेदन पत्र जमा करवाएं है। परीक्षा रविवार को परीक्षा केंद्रों में 11वीं को छोड़कर दूसरी कक्षा से 12वीं तक की कक्षाओं की लिखित परीक्षा सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक होगी।
नोटिस जारी कर दिशा निर्देश देते थाना प्रभारी कुलदीप सिंह।
शहर में दो केंद्र बनाए
शिक्षा विभाग द्वारा लिखित परीक्षा के लिए फतेहाबाद खंड में दो परीक्षा केंद्र बनाए गए है। जिसके तहत जीजीपीएस-आईडी के बी-1 व जीएसएसएस फतेहाबाद के बी-2 में परीक्षा होगी। दूसरी से पांचवीं की परीक्षा के लिए नैनपाल सिंह, 6वीं से 12वीं तक की के लिए नीतू डूडेजा को सुपरिटेडेंट लगाया गया है।
निजी स्कूलों के शैलेन भास्कर व सुभाष ताखर बने ऑब्जर्वर
बीईओ कुलदीप सिहाग ने डीसी के आदेश के बाद लिखित परीक्षा के संचालन में निजी स्कूलों के स्टाफ भी शामिल किया है। जिसमें शैलेन भास्कर व सुभाष ताखर को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। जो परीक्षा की देखरेख करेंगे।
तीन दिन मिलेंगे एडमिट कार्ड, वहीं होंगे अटेस्ट
134-ए के इंचार्ज मोहर सिंह ने बताया कि एडमिट कार्ड वितरण शुक्रवार से शुरु हो चुका है। परीक्षा के दिन सुबह 9 बजे तक एडमिट कार्ड विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाएं जाएंगे। बीईओ कार्यालय में लेक्चरर की भी ड्यूटी लगाई है जो विद्यार्थी के एडमिट कार्ड भी अटेस्ट करेगा। विद्यार्थी को अपने साथ आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज को लेकर आना होगा।
11 स्कूलों पर कार्रवाई करने के लिए डीईईआे ने जारी किए आदेश
फतेहाबाद | टोहाना में बिना मान्यता के अकादमियों की आड़ में चल रहे 11 स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग कार्रवाई शुरू करेगा। इसके लिए डीईईओ संगीता बिश्नाेई ने टोहाना बीईओ को आदेश जारी कर दिये है। बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों को बंद करने की प्राइवेट स्कूल संघ ने मांग उठाई है। इसके लिए स्कूल संघ का प्रतिनिधिमंडल जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई से मिला।
प्राईवेट स्कूल संघ के बैनर तले टोहाना के मान्यता प्राप्त 18 स्कूलों के प्रतिनिधियों डीईईओ संगीता बिश्नोई दी शिकायत में टोहाना क्षेत्र में काफी संख्या में बिना मान्यता प्राप्त स्कूल चल रहे हैं। जिनके संचालन स्कूल की जगह अकादमी शब्द इस्तेमाल करते हैं और अभिभावकों को सीबीएसई व एचबीएसई की मान्यता बताकर बच्चों के एडमिशन कर रहे हैं। ऐसे में वे विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों से खिलवाड़ कर रहे है। प्राईवेट स्कूल संघ का आरोप है कि मान्यता न होने के कारण इन स्कूलों के संचालक कम फीस में ही बच्चों को पढ़ाते है। इसके अलावा कई स्कूल ऐसे भी है जिनके पास मान्यता आठवीं व 10वीं तक की ही होती है।
इन स्कूलों को बंद करवाने की मांग
प्राइवेट स्कूल संघ ने अधिकारियों को लिस्ट देते हुए जमालपुर शेखां की गुरुनानक अकादमी, कुलां के सरस्वती अकादमी, रॉयल अकादमी, होली चाइल्ड स्कूल धारसूलकलां, टोहाना के ऑवर्स अकादमी, कैरियर पाथ अकादमी, लक्ष्य अकेडमी, एकलव्य अकादमी, ओम साई अकादमी, अल्टीमेट अकादमी, कृष्णा अकादमी को बंद करवाने की मांग की है।
मान्यता प्राप्त स्कूलों में कराएं दाखिला : डीईईओ
डीईईओ संगीता बिश्नोई ने बताया कि बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों पर विभाग द्वारा कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों के एडमिशन से पहले एक बार संबंधित स्कूल की मान्यता पर जरूर ध्यान दें। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में एडमिशन करवाने से परहेज करें।
निजी स्कूलों में बिक रही किताबें की रेट लिस्ट तक नहीं दी रही अभिभावकों को
भास्कर न्यूज | फतेहाबाद
शहर के निजी स्कूलों में किताब घर बना हुआ है। स्कूल में ही विद्यार्थी के अभिभावकों को महंगी किताबें दी जा रही है, लेकिन इस और शिक्षा विभाग के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इन्हीं कारणों के चलते निजी स्कूल अपनी मनमानी करते हुए अभिभावकों को मोटा चूना लगा रहे हैं। नए सत्र से दाखिल निजी स्कूलों में दाखिले बच्चों के शुरू हो गए हैं। वहीं निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों को लूटने का व्यापार भी। क्योंकि जहां एक तरफ सरकार के आदेश हैं कि कोई भी अपने निजी स्कूल में किताबें नहीं बचेगा। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन आदेशों के बाद भी निजी स्कूलों में खुलेआम यह धंधा चल रहा है। एक स्कूल में अलग से कोने में किताब घर ही बना रखा है। अगर किसी कक्षा की किताबें चाहिए तो उन्हें रेट लिस्ट दे दी जाती है। कई स्कूलों ने दुकानदारों के साथ टाइअप कर रखा है।
लिस्ट पर हर किताब का दिया होता है रेट
अभिभावकों अगर किसी कक्षा की किताबों का खर्च मांगते है तो उन्हें रेट लिस्ट दे दी जाती है। लिस्ट में हर किताब का अलग-अलग रेट दिया होता है। जो अभिभावकों को दे दिया जाता है और खास यह भी है कि जो लिस्ट में किताबें होगी वह बाजार में कही नहीं मिलेगी। इन कारणों के चलते अभिभावकों से मोटा रुपये वसूल लिए जाते हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा किसी भी निजी स्कूल की चेकिंग नहीं की जा रही हैं।
मामले की जांच करेंगे, होगी कार्रवाई : डीईओ
इस मामले की जांच होगी। स्कूल में किताबे स्कूल संचालक बेच रहे हैं तो ऐसे संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। दयानंद सिहाग, डीईओ।