फसल कटाई के बाद फसली अवशेषों को न जलाए किसान
फतेहाबाद | गेहूं फसल की कटाई के बाद किसान या कोई भी नागरिक फसली अवशेष न जलाएं। डीसी डॉ. हरदीप सिंह ने किसानों को बताया कि फसल अवशेषों से तुड़ी बनाकर पशुचारे के लिए इसे प्रयोग किया जा सकता है। इसे खेत में जोतकर खेत की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने से भूमि में आवश्यक तत्व व जीवाणु तथा सूक्ष्म पोषक तत्व और मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। धुंए से वातावरण प्रदूषित होता है, जिससे दिल व फेफड़ों की बीमारियों की संभावना बनी रहती है।