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55 प्रतिशत की कंडीशन से हर साल रह जाती हैं सीटें खाली, इस बार भी 453 परीक्षार्थी ही हुए पास

3 वर्ष पहले
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तीसरी 131 161 142

चौथी 136 96 14

पांचवीं 131 136 44

छठी 130 131 38

सातवीं 144 119 46

आठवीं 121 103 33

कुल 959 883 453

दूसरी की परीक्षा में सिर्फ एक फेल

दूसरी से आठवीं तक की दी गई 137 में से 136 परीक्षार्थी पास है। सिर्फ एक परीक्षार्थी परीक्षा को पास नहीं कर पाया। वहीं चौथी, पांचवी, छठी, सातवीं परीक्षा में कम ही बच्चे पास हो पाए। परीक्षार्थी द्वारा 134 ए के तहत परीक्षा पास न करने के चलते स्कूलों में सीटें खाली ही रह गई।

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 134 के तहत दाखिले को लेकर ली गई परीक्षा का परिणाम देखते हुए अभिभावक।

परीक्षा में 60 प्रतिशत फैल

134ए के तहत दी गई परीक्षा को देखकर साफ जाहिर है। बच्चों को शिक्षा स्तर गिरता जा रहा है। बच्चों को पास इस परीक्षा में पास होने के 55 नंबर लेने थे, लेकिन 60 प्रतिशत बच्चे फेल ही हो गए, लेकिन कुछ परीक्षार्थी ऐसे थे जिन्होंने 100 में से 100 नंबर भी लिए हैं। इस बार फिर से निजी स्कूलों में 134ए के तहत खाली पड़ी सीटेंं भर ही नहीं पाएगी।

पहले नहीं होता था पेपर, हर सीट पर मिलता था दाखिला

शिक्षा विभाग द्वारा जब 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिला देने के बारे आदेश आए तो पहली दफा निजी स्कूलों में जो सीटे निर्धारित की गई। परीक्षार्थियों के आवेदन लेने के बाद सभी को बिना परीक्षा ही निजी स्कूलों में भेज दिया जाता था, निजी स्कूलों ने कोर्ट में केस दायर करने के बाद दाखिला लेने के लिए परीक्षा शुरू हो गई। इसके बाद कभी निजी स्कूलों में तय परीक्षार्थियों की सीटें भरी ही नहीं। हर बार कभी 30 तो कभी 40 प्रतिशत बच्चे ही परीक्षा में पास हो पाएं।

100 प्रतिशत अंक लाने वाले बच्चों को प्राथमिकता

परीक्षार्थी द्वारा 134ए के तहत भरे गए फार्मों में पहले पांच स्कूल चुनने होते है जिसमें वह पढ़ना चाहते हैं। 134 ए द्वारा दी गई परीक्षा में कई बच्चे 100 प्रतिशत भी नंबर लाए है इसलिए उन्हें पहले दो उनके मनचाहे स्कूल मिल जाएंगे। वही जिन बच्चों के नंबर कम है। उन्हें पहले दो स्कूल मुश्किल मिलेंगे। अगर सीटेंं भर गई तो अगर सीटें खाली रही तो लॉटरी सिस्टम की तरह पर्ची डाली जाएगी। अगर सीटे नहीं है तो पांच स्कूलों में सबसे निचले स्कूल परीक्षार्थी को मिलेंगे।

बच्चों को आज मिलेंगे स्टेशन

फतेहाबाद खंड की 134ए के तहत परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के परिणाम की लिस्ट चस्पा कर दी गई। आज परीक्षा में पास होने वाले परीक्षार्थियों को स्टेशन दे दिए जाएंगे।\\\'\\\' मोहर सिंह, क्लर्क, बीईओ कार्यालय।

शिक्षा स्तर गिर रहा: डीईओ

134 ए के परीक्षार्थियों द्वारा दिया गई परीक्षा का पेपर बिल्कुल आसान था, लेकिन फिर भी परीक्षार्थी पास नहीं हो पाएं। बच्चों का शिक्षा स्तर कमजोर हो रहा है। हर बार सीटें निजी स्कूलों में खाली रह जाती है।\\\'\\\' दयानंद सिहाग, डीईओ।

74 में से 14 विद्यार्थी ही हो सके 134 ए की परीक्षा में पास

जाखल | निजी स्कूलों में 134 ए एक्ट के तहत दाखिले को लेकर परीक्षा देने वाले 74 विद्यार्थियों में से केवल 14 बच्चे ही पास घोषित किए गए हैं। खंड शिक्षा कार्यालय द्वारा किए गए मूल्यांकन के बाद पाया गया कि परीक्षा देने वाले कुल विद्यार्थियों में से 20 फीसदी ही परीक्षा पास कर पाए। जाखल खंड में 134 ए के तहत चार निजी स्कूलों में कुल 169 सीटें खाली थी। लेकिन अभिभावकों ने इसके प्रति कम ही रूचि दिखाई व 82 विद्यार्थियों के ही आवेदन जमा हुए। जिसमें से 8 विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों में ही दाखिला मांगा तो 74 ने निजी स्कूलों के लिए आवेदन करते हुए परीक्षा दी थी। खंड शिक्षा अधिकारी कृष्ण सैनी ने बताया कि 55 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वालों को ही पास घोषित किया गया है।
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