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व्यापार मंडल ने दी चेतावनी, मंडी में गुरुवार तक लिफ्टिंग शुरू नहीं हुई तो करेंगे हड़ताल

3 वर्ष पहले
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फतेहाबाद अनाजमंडी में गेहूं खरीद शुरू हुए दो दिन ही हुए हैं, लेकिन उठान की प्रक्रिया काफी ढाली होने के चलते मंडी गेहूं के बैग व ढेरियों से अट गई है। भट्‌टू रोड व सिरसा रोड स्थित दोनों ही मंडिया फुल हैं। सभी रास्ते बंद हो चुके हैं, लेकिन लिफ्टिंग को लेकर ठेकेदार ध्यान ही नहीं दे रहा है। इसे लेकर अनाजमंडी व्यापार मंडल ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि गुरुवार सुबह तक लिफ्टिंग शुरू नहीं हुई, हालात नहीं सुधरे तो आढ़ती हड़ताल पर आ जाएंगे।

6 लाख बैग अटके

सोमवार को ही अनाजमंडी में गेहूं खरीद शुरू हुई। वैसे खरीद का काम एक अप्रैल से शुरू किया जाना होता है, लेकिन यहां पर 16 अप्रैल को शुरू हुआ। बाकी मंडियों में 13-14 अप्रैल को ही शुरू कर दिया गया। पहले तो देरी से खरीद शुरू होने के चलते मंडी में फसल एक साथ आ गई। वहीं दूसरी ओर ठेकेदार की ओर से लिफ्टिंग को लेकर पूरे वाहन न लगाने पर परेशानी बढ़ गई। मौजूदा समय में मंडी में तकरीबन 6 लाख बैग गेहूं से भरे पड़े हैं। उनके उठान का इंतजार किया जा रहा है।

व्यापार मंडल ने दी चेतावनी

अनाजमंडी व्यापार मंडल के सचिव रमेश तनेजा ने कहा कि मंडी में गेहूं की आवक काफी तेज है, लेकिन उठान उतना ही ढीला है। ठेकेदार ने दावा किया था कि वह उठान के लिए 150 ट्रक लगाएगा, लेकिन अभी तक केवल 44 ट्रक ही लगाए गए हैं। यदि यही स्थिति रही तो उठान एक हफ्ते में भी पूरा नहीं होगा। हालात बदत्तर हो जाएंगे। अब तक जो फसल आई है, उसका उठान नहीं होगा तो दूसरे किसान अपनी फसल लेकर कैसे जाएंगे। इससे किसान व व्यापारी दोनों ही परेशान होंगे। इस बारे में डीएफएससी व डीसी दोनों से बात की, लेकिन कोई हल नहीं लिया। इसलिए अब निर्णय लिया गया है कि गुरुवार सुबह तक उठान तेज नहीं हुआ तो व्यापारी हड़ताल पर चले जाएंगे।

खरीद एजेंसियों में अटके करीब 112 करोड़, आढ़तियों में रोष

भास्कर न्यूज | टोहाना

गेहूं की खरीद के बाद अब आढ़ती अपनी पेमेंट के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार आढ़तियों ने सरकारी खरीद एजेंसियों से करीब 112 करोड़ रुपये लेने हैं। जिसके लिए वे कई बार गुहार कर चुके हैं। अब उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला से मिलकर यह पेमेंट दिलवाए जाने की गुहार की है।

सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा टोहाना में करीब 13 लाख गेहूं के बैग की खरीद की जा चुकी है। एक सरकारी रेट मुताबिक एक बैग की कीमत 867.50 रुपये बनती है। इस हिसाब से आढ़तियों ने खरीद एजेंसियों से करीब 112 करोड़ 77 लाख रुपये लेने हैं।

कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रवक्ता अजय गोयल ने बताया कि एसोसिएशन प्रधान तरसेम बांसल के नेतृत्व में एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सुभाष बराला से मिलकर उन्हें सारी स्थिति से अवगत करवाया।

उन्होंने बराला को बताया कि सरकारी खरीद एजेंसी डीएफएससी तथा हैफेड द्वारा करीब एक सप्ताह पूर्व अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू की थी। नियमानुसार खरीद की गई गेहूं की 72 घंटे में पेमेंट करनी होती है लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद उनकी पेमेंट नहीं दी जा रही। जिस कारण उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि किसान तो गेहूं की बोली होते ही उनसे पेमेंट ले लेता है लेकिन उन्हें आज तक उनकी पेमेंट नहीं मिल रही जिस कारण वे बड़ी परेशानी की हालत में हैं।

उन्होंने बताया कि जब इस पेमेंट के बारे में संबंधित खरीद एजेंसी के अधिकारियों से बात करते हैं तो वे यह कहकर टाल देते हैं कि पेमेंट ऊपर से नहीं आई या फिर लिफ्टिंग होने के बाद पेमेंट करने की बात कहते हैं। आढ़तियों ने बराला से मांग की कि वे इसका संज्ञान लेकर उनकी पेमेंट करवाएं। बराला ने उसी समय संबंधित अधिकारियों से बात कर उन्हें आश्वासन दिया कि कल ही इस बारे में समाधान करवाएंगे।

फतेहाबाद। लदान कार्य धीमा होने से गेहूं की बोरियों से भरी अनाजमंडी। भट्‌टू रोड व सिरसा रोड स्थित दोनों ही मंडिया फुल हैं।

अन्य मंडियों में ये है स्थिति

भट्‌टू रोड मंडी व आस-पास के एरिया में करीब 3 लाख बैग पड़े हैं। इसी तरह से सिरसा रोड नई अनाजमंडी में भी इतने ही बैग गेहूं के भरे पड़े हैं।

16 अप्रैल को शुरू हुई थी फतेहाबाद में खरीद शुरू। दो दिन में ही मंडी फुल

150 ट्रकों से उठान का दावा किया था, लेकिन 44 ट्रक की लगाए

सिरसा रोड नई अनाजमंडी में 30 एकड़ जगह पर फसलों को रखा जा सकता है।

नई मंडी में सोमवार को करीब 40 ट्रॉलियों में भरा गेहूं की पहुंचा।

आरोप : भाजपा सरकार की गलत कार्य प्रणाली के कारण आढ़ती परेशान

टोहाना | भाजपा सरकार की गलत कार्य प्रणाली के कारण आज मंडियों में ना तो लिफ्टिंग सही हो रही है और ना ही आढ़तियों को पैसा मिल रहा है। यह भी निश्चित नहीं है आढ़तियों को पैसा देगा कौन क्योंकि सरकार द्वारा 6 बार एजेंसियों को बदला जा चुका है जिससे आढ़ती व किसान दोनों परेशान हैं। यह बात इनेलो किसान सैल के प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह ने अतिरिक्त अनाज मंडी का निरीक्षण कर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।

इस मौके पर उन्होंने आढ़तियों, किसानों व मजदूरों की समस्याएं भी जानी। उन्होंने कहा कि 6 महीने बाद किसान व आढ़तियों के चेहरों पर मुस्कान आती है कि इस बार कुछ कमाकर बच्चों को खुशियां देंगे लेकिन सरकार ने किसानों व व्यापारियों की इस खुशियों पर भी ग्रहण लगा दिया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आढ़तियों को दलाल कहना भाजपा द्वारा उन्हें दी गई सबसे बड़ी गाली है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा के कारण आढ़ती अपना आढ़त का काम छोड़कर दूसरा काम धंधा करने की सोचने लगा है। भाजपा सरकार की शुरू से ही यही नीति रही है कि आढ़ती व किसानों के बीच फूट पैदा करवाई जाए। इस अवसर पर कच्चा आढ़ती एसोसिएशन प्रधान तरसेम बंसल, जगदीश पाहवा, केएल अरोड़ा, जोनी मेहता, रमेश गोयल, लक्ष्मण बंसल, सतपाल नन्हेड़ी, कृष्ण बंसल, अजय गोयल, भूपेंद्र सिंह, कुलदीप सैनी, जतिन खिलेरी, मनोज धारसूल व राममेहर धारसूल आदि मौजूद थे।

ट्रेजरी में पास होने के लिए भेजे हैं बिल

सरकारी खरीद एजेंसी डीएफएससी के ऑडिटर कर्मवीर ने बताया कि एक तो बिल कल ही मिले हैं जिन्हें ट्रेजरी में पास होने के लिए भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि गुरुवार को आढ़तियों की पेमेंट कर दी जाएगी।

प्रति बैग Rs. 4 से 5 नजराना वसूली से व्यापारियों में रोष

भास्कर न्यूज | भट्टूकलां

भट्टूमंडी में गेहूं उठान की समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। गेहूं उठाने के लिए ट्रक चालकों ने नजराने के रेट बढ़कर 4 से 5 रुपये प्रति बैग कर दिए है। इस पर प्रशासन द्वारा चुपी साधने को लेकर व्यापारियों में रोष है। व्यापारी सुभाष, शंकर, रोहतास, विकास, साधुराम, महेंद्र कुमार आदि ने कमेटी सचिव को लिखित में शिकायत दी है। मार्केट कमेटी सचिव ने भी व्यापारियों की इस समस्या को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में ला दिया है। भट्टूमंडी में इन दिनों गेहूं की आवक तेज हो गई है।

भट्टूमंडी की अनाजमंडी के अलावा बाहरी क्षेत्र भी गेहूं के ढेरियों व बोरियों से अटी पड़ी है। व्यापारियों को गेहूं उठान के लिए ट्रक चालकों की जी हजूरी करनी पड़ती है। गेहूं उठाने के लिए शुरूआती दौर में यह ट्रक संचालक नजराना रूपी तीन रुपये प्रति बैग लेते थे। लेकिन आवक बढऩे के साथ ही अब नजराने के दाम भी बढ़कर 4 से 5 रुपये प्रति बैग हो गया है। जो व्यापारी अपनी गेहूं उठाने के बदले नजराना देने में आनाकानी करता है तो उसकी गेहूं की बोरियां नहीं उठाई जाती। व्यापारियों ने मजबूर होकर बुधवार को मार्केट कमेटी सचिव को लिखित में ज्ञापन सौंप कर नजराना रूपी समस्या के बारे में अवगत करवाया।

सरसों खरीद को लेकर सरकार किसान को कर रही है परेशान : निशान सिंह

भास्कर न्यूज | भट्टूकलां

सरकार हर मोर्चे पर विफल है। चाहे वो भ्रष्टाचार का मामला हो, रोजगार देने की बात हो, गेहूं व सरसों खरीद की बात हो। किसान, युवा बेरोजगार, आढ़ती, व्यापारी हर कोई हताश नजर आ रहा है। व्यापार ठप पड़े है। यह बात इनेलो किसान सेल के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक निशान सिंह ने कही। वे यहां भट्टूमंडी में सरसों खरीद केंद्र पर आए हुए थे। इस दौरान किसानों के सरसों खरीद में आने वाली समस्याओं बारे बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खून पसीने की मेहनत से पैदा की हुई फसल बेचने के लिए किसानों को दर- दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। किसान को अपनी फसल बेचने के लिए अपने ही प्रदेश में पहचान बतानी पड़ रही है। किसानों को अपनी फसल डालने के लिए मंडी में जगह तक नसीब नहीं हो रही है। इस अवसर पर उनके साथ जिला अध्यक्ष बलविंद्र कैरो, हलका अध्यक्ष भरतसिंह परिहार, इनेलो शहरी प्रधान पवन बंसल, व्यापार मंडल अध्यक्ष हुन्नामल, इनसो जिलाध्यक्ष जतीन खिलेरी, अनुराग भांभू, राजेंद्र माचरा, छोटूराम सांई, धर्मेंद्र ढ़ाका, सत्यवान, केडी बंसल उपस्थित थे।

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