डीसी डॉ. हरदीप सिंह ने अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण के नोडल अधिकारियों, सभी विभागों व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अप्रेंटिसशिप लगाते समय केवल वैध प्रमाण पत्रों पर विचार करने के निर्देश दिए हैं। ये सर्टिफिकेट केवल नेशनल व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी) और राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) द्वारा जारी होने चाहिए और अन्य अथॉरिटीज द्वारा जारी प्रमाण-पत्रों पर विचार करना अवैध होगा।
उन्होंने बताया कि ऐसा ध्यान में आया है कि नामित ट्रेड में अप्रेंटिसशिप लगने के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों द्वारा आईटीआई या कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के तहत एनसीवीटी या कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग, हरियाणा के तहत एससीवीटी या किसी अन्य राज्य सरकार के एससीवीटी के अलावा अन्य अथॉरिटीज द्वारा जारी प्रशिक्षण प्रमाण-पत्रों को प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि अप्रेंटिसशिप अधिनियम, 1961 के अनुसार नामित ट्रेंड्स में अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण में छूट केवल तभी प्रदान की जा सकती है, यदि उम्मीदवार के पास एनसीवीटी या एससीवीटी और अन्य अथॉरिटीज द्वारा जारी सभी प्रमाण-पत्र इस कार्य के लिए अवैध होंगे, जब तक उन्हें इस अधिनियम के तहत अधिसूचित नहीं किया जाता।
प्रमाण पत्र को लेकर कोई संदेह है तो जिला मुख्यालय पर सहायक अप्रेंटिसशिप सलाहकार या प्रिंसिपल गवर्नमेंट आईटीआई के कार्यालय से परामर्श लिया जाना चाहिए।