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जिले का 68.19% परिणाम, प्रदेश में 5वां पायदान

3 वर्ष पहले
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सरकारी स्कूलों में मासिक परीक्षाएं होने के बाद पिछले तीन सालों में जिले में शिक्षा का ग्राफ बढ़ा है। वर्ष 2015 में 12वीं कक्षा का वार्षिक परिणाम 64.31 रहा है जबकि 2018 में यह आंकड़ा 68.19 पर है। शिक्षा विभाग ने दावा किया है कि मैट परीक्षाओं से जिले के परिणाम लगातार सुधार हो रहा है। इस बार जिले का 12वीं का परिणाम 68.19 फीसदी, रहा। इस बार लड़के 62.2 और लड़िकयां का परिणाम 75.45 फीसदी के साथ ही जिला टाॅप 5 की सूची में शामिल हो गया है। आने वाले समय में फतेहाबाद समक्ष हरियाणा के पहले पायदान पर होगा।

शिक्षा विभाग ने 2015 में सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक मासिक परीक्षाओं मंथली असेसमेंट टेस्ट (मैट) का आयोजन शुरु किया था। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को वार्षिक परीक्षाओं के प्रति डर व झिझक को दूर कर उन्हें मोटिवेशन के साथ तैयार करना है। मासिक परीक्षाएं 100 अंकों की है। इससे पूर्व बच्चे अर्ध वार्षिक परीक्षाओं के बाद सीधे वार्षिक परीक्षाएं देते थे।

वर्ष 2015 में जिले के 101 स्कूलों के 9005 विद्यार्थियों ने 12वीं की परीक्षाएं दी। जिसमें से केवल 5815 छात्र-छात्राएं ही पास हो पाएं। 3190 बच्चे रि-अपीयर हुए। फतेहाबाद जिले का वार्षिक परिणाम 64. 57 फीसदी रहा। मंथली असेसमेंट टेस्ट (मैट) शुरु के बाद अगले साल 2016 में फतेहाबाद के वार्षिक परिणाम में कमी आई। 2016 में फतेहाबाद जिले में 12वीं का परिणाम 64.31 पर आ गया। इस बार 12वीं के कॉमर्स संकाय परीक्षा परिणाम में फतेहाबाद की आरके काॅलोनी निवासी लविश पोपली पुत्र हरीश पोपली ने 500 में से 482 अंक लेकर स्टेट में टॉप किया है।

2017 में 53.36 फीसदी रिजल्ट लेकर निजी स्कूलों पर हावी रहे थे सरकारी स्कूलों के बच्चे

2017 वर्ष 2017 में कुल 7548 बच्चों ने 12वीं की परीक्षाएं दी। इसमें 3482 बच्चे निजी स्कूलों के थे। कुल विद्यार्थियों में से केवल 5339 बच्चे ही पास हुए। जिले का वार्षिक परिणाम 70.73 रहा। पास होने वाले छात्र-छात्राओं में 2849 सरकारी स्कूलों से व 2490 निजी स्कूलों के विद्यार्थी थे। 2017 में सरकारी स्कूलों का वार्षिक परिणाम 53.36 फीसदी रहा जबकि निजी स्कूलों का परिणाम 46.63 फीसदी दर्ज किया गया।

2018 इस साल 2018 में 12वीं कक्षा के कुल 8051 विद्यार्थियों में से 5490 बच्चे ही पास हुए। 1758 बच्चों की रि-अपीयर आई जबकि 781 बच्चे फेल हो गए। 12वीं कक्षा का जिले का वार्षिक परिणाम 68.19 फीसदी दर्ज किया गया है। जोकि पिछले साल से 2.54 फीसदी अंक है।

शिक्षकों के सहयोग और सरकार की बेहतर शिक्षा नीतियों से जिले को नंबर वन पर लाएंगे : डीईओ

डीईओ दयानंद सिहाग ने कहा कि मैट की परीक्षाएं शुरु होने के बाद लगातार जिले का शैक्षणिक स्तर सुधर रहा है। 2017 व 2018 में फतेहाबाद जिला प्रदेश के टॉप-10 की स्थिति में है। शिक्षकों के सहयोग और सरकार की बेहतर शिक्षा नीतियों की बदौलत जिले को नंबर वन पर लाएंगे ।

स्मार्ट कक्षाएं, एलईपी जैसी सुविधाओं के कारण ही आया शानदार परिक्षा परिणाम : डीईईओ

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई ने कहा कि सरकारी स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, अंग्रेजी मीडियम व एलईपी जैसे बहुत सी सुविधाएं बच्चों को मिलने लगी है। इन सुविधाओं की बदौलत बच्चों का बेस तैयार हो रहा है और शानदार परिणाम सामने आने लगा है।

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