प्रदेश सरकार द्वारा किशोरी शक्ति महत्वाकांक्षी योजना लागू की है, ताकि कोई भी कन्या शिक्षा से वंचित न रहे। यह योजना शुरूआत में 6 जिलों में लागू की गई थी। अब इसे सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है।
उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने बताया कि स्कूल न जाने वाली 11 से 14 साल की लड़कियों को शिक्षित बनाने, उनके खुद के पैरों पर खड़ा करने तथा सशक्त बनाने के उद्देश्य से किशोरी शक्ति योजना लागू की है।
पहले यह योजना सिर्फ छह जिलों अंबाला, यमुनानगर, रोहतक, रेवाड़ी, कैथल और हिसार के लिए थी। परंतु अब इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है। यह योजना आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से आंगनबाड़ी सेवाओं के मंच का उपयोग करते हुए लागू की जाएगी। उपायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी को सर्वे करने और लाभार्थियों की संख्या के बारे में सही जानकारी देने के निर्देश दिए है, ताकि इसकी रिपोर्ट सरकार व उच्चाधिकारियों को भेजी जा सके। योजना के तहत किशोरियों को उचित पोषाहार देने, उनके स्वास्थ्य में सुधार, स्वच्छता, औपचारिक स्कूली शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और सामाजिक जागरूकता का प्रावधान शामिल है।