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सोलर सिस्टम से जुड़े नेटमीटर, बचा रहे हर माह 3 से 4 हजार रुपये

3 वर्ष पहले
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यदि आप बिजली की अधिक खपत के चलते अधिक आने वाले बिल से परेशान है तो अक्षय ऊर्जा विभाग की ग्रिड कनेक्टिंग पावर प्लांट योजना के तहत नेट मीटर लगवाकर बिल भरने से छुटकारा पा सकते है। पिछले एक साल में अब तक 30 घरों में नेट मीटर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

फतेहाबाद जिले में अब तक करीब 30 घरों में सोलर सिस्टम के नेट मीटर लगाये जा चुके है। इनमें सबसे ज्यादा फतेहाबाद में 19, टोहाना में 4, भूना में 5, गांव गिल्लांखेड़ा व ढांड में एक-एक नेटमीटर लगाया गया है। सिस्टम लगवाने के लिए प्रति किलोवॉट करीब 70 हजार रुपये का खर्च आता है। जिसमें से 30 फीसदी तक सरकार से सब्सिडी मिलती है। नेट मीटर सोलर एनर्जी से पैदा हुई यूनिटें और ग्रिड से आई यूनिटों की पूरी जानकारी अलग-अलग रखेगा। मीटर सोलर प्लांट से बनी बिजली को अपने आप ही ग्रिड को भेज देगा। बिजली निगम खरीदता है 6 से 7 रुपए प्रति यूनिट प्लांट लगाने को सरकार 30 प्रतिशत या कम से कम 20 हजार रुपये प्रति किलोवाट की सब्सिडी भी देगी।

सौर ऊर्जा से पैदा की गई बिजली की यूनिटों को वापस बिजली निगम को बेचकर आप महीने में काफी रुपये बचा सकते हैं। बिजली निगम आपके द्वारा दी गई यूनिटों का भुगतान निर्धारित 6 से 7 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से करेगा। योजना में 1 किलोवॉट से 500 किलोवॉट तक प्लांट स्थापित किया जा सकता है। मगर लोग अपने घर पर बिजली कनेक्शन के लोड की क्षमता तक का ही प्लांट स्थापित कर सकते हैं। जैसे किसी ने बिजली निगम से घर के लिए 2 किलोवाट का कनेक्शन ले रखा है तो उसे 2 किलोवाट क्षमता का ही प्लांट लगाने की अनुमति मिलेगी।

ये देने होंगे प्रमाण पत्र

घरों पर पावर प्लांट लगाने के लिए पहचान पत्र देना होगा। घरेलू या गैरसरकारी संगठन, सामाजिक संगठन, सरकारी स्कूल, स्वास्थ्य संस्थान, शिक्षण संस्थान (पंजीकृत सोसाइटी या ट्रस्ट) संचालक ही प्लांट लगा सकते हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्लांट लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी। प्लांट में एक सोलर पैनल, एक इनवर्टर व एक नेट मीटर लगेगा। इनवर्टर पैनल से आई डीसी वोल्टेज को एसी में कन्वर्ट करेगा।

प्लांट लगाने की प्रक्रिया

घर की छत पर प्लांट लगाने के लिए बिजली निगम से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद हरियाणा रिन्यूवल एनर्जी विभाग की बेवसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन एप्रूव्ड होने के बाद प्लांट स्थापित करना होगा। अधिकारी आवेदन के आधार पर निरीक्षण करने आवेदनकर्ता के घर या प्लांट पर जाएंगे। सबकुछ मानदंडों पर खरा मिलने पर अनुमति मिल सकेगी। अक्षय ऊर्जा विभाग से ऑनलाइन स्वीकृति मिलते ही आप बिजली निगम से कहकर नेटमीटर की इंस्टॉलेशन करा सकते हैं।

प्लांट के फायदे

बिजली बिल कम होगा

खाली छत का भी लोग प्रयोग कर सकेंगे

बिजली निगम को बिजली बेचने पर रुपयों की बचत भी होगी

ग्रीन पावर को बढ़ावा मिलेगा

लाइन लोड, बिजली वितरण की समस्याएं भी हो सकेंगे कम

1 किलोवाट का सोलर प्लांट वर्षभर में 1.50 टन वातावरण में कम करेगा कार्बन

25 वर्ष तक सोलर प्लांट देगा साथ

प्लांट स्थापना को 9 से 10 वर्ग मीटर प्रति किलाेवॉट का स्थान चाहिए।

नेट मीटर से अब फ्री में चलते हैंंै एसी

जिले में सबसे पहले 22 मार्च 2017 को ग्रिड कनेक्टिंग पावर प्लांट योजना के तहत 5 किलोवॉट का नेट मीटर फतेहाबाद की रतिया चुंगी निवासी विनोद भांभू ने अपने घर में लगवाया था। जिन पर करीब साढ़े 3 लाख रुपये खर्च आया था। विनोद भांभू का कहना है कि नेट मीटर लगवाने के बाद अब वह गर्मियों में एसी दिनभर चलाते है और सर्दियों में हीटर आदि चलते हैं। प्रतिदिन 20 से 22 यूनिट सोलर सिस्टम से पैदा होती है। जो सीधे ग्रिड में जाती है। इससे पहले हर बार 3 से 4 हजार रुपये का बिजली बिल आता था लेकिन अब बिल के झंझट से छुटकारा मिला है। सोलर एनर्जी बेहतर और सस्ता विकल्प है।

महीनों से बिल भरकर नहीं देखा : रामकुमार

अपने घर में नेट मीटर लगवाने वाले रामकुमार ने बताया कि सोलर सिस्टम व नेट मीटर लगवाने के बाद अब उसने कई महीनों से बिल भरा ही नहीं। बल्कि वह फ्री में ही बिजली इस्तेमाल कर रहा है।

बिजली की खपत कम कर सकते हैं : सुरेंद्र

नेटमीटर इंस्ट्रोलर सुरेंद्र बिश्नोई ने बताया कि गर्मियों में बढ़ती बिजली की खपत पर सोलर एनर्जी के माध्यम से अंकुश लगा सकते है। इससे बिजली का लोड नहीं बढ़ेगा और उपभोक्ता को बिना परेशानी के सस्ती बिजली मिलेगी।

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