पूर्व डीडीपीओ फकीरचंद ने कहा कि पंचायतें सरकार का चेहरा है और ग्रामीणों के समक्ष आने वाली हर समस्या का पंचायत अपने स्तर पर निदान कर सकती है। महिला पंच-सरपंच अब घूंघट की प्रथा से बाहर निकलकर गांव के विकास में अपनी भूमिका निभाए । वे बुधवार को बीडीपीओ कार्यालय में महिला सरपंच एवं पंच सशक्तिकरण जागरूकता अभियान को संबोधित रहे थे। अध्यक्षता रिसोर्सपर्सन अनूप चौहान ने की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पढ़ी-लिखी पंचायत बनने के बाद अब गांवों में विकास को प्राथमिकता मिली है। गांवों में बिना किसी भेदभाव विकास कार्यों की बागड़ोर महिला सरपंचों के हाथ में है।
उन्होंने कहा कि आज पंचायतों को चलाने में महिला सरपंच व पंचों का अहम योगदान है। सरकार ने पंचायती राज अधिनियम के तहत पंचायतों को काफी शक्तिशाली बनाया है। इस अवसर पर एसईपीओ पृथ्वी सिंह, पटवारी राजेंद्र सिंह, मुकेश बंसल, मनरेगा अधिकारी दीपक कुमार आदि मौजूद थे।