गांव धांगड़ में एक मजदूर संघ की ओर से मजदूर परिवार को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के नाम पर एक-एक हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। मामले की सूचना गांव के सरपंच प्रेम कुमार को मिली तो मौके पर पहुंचे। पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद में संघ के प्रधान के रुपये लेने वाले सदस्यों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।
सरपंच प्रेम कुमार ने बताया कि धांगड़ा गांव में सोमवार को भारत मजदूर संघ के नाम से कुछ सदस्य गांव के मजदूरों को एकत्र कर उनसे एक-एक हजार रुपये ले रहे थे। पूछने पर बताया गया कि इन मजदूरों की कॉपियां बनाई गई थी, जिनकी एक साल बाद मैच्योरिटी होने पर अब एक-एक हजार रुपये ले रहे हैं। इसके बाद इन लोगों को कुछ योजनाओं का लाभ मिलेगा, सिलाई मशीन मिलेगी। सरपंच ने बताया कि उन्हें उन लोगों की बात पर शक हुआ व पुलिस को बुला लिया। पता किया तो बताया गया कि फीस केवल 240 रुपये ही है, लेकिन यहां एक-एक हजार रुपये लिए जा रहे हैं। पुलिस ने संघ के सदस्यों जिनमें दो लड़कियां भी शामिल थे, उनसे पूछताछ की। वहीं संघ के प्रधान अोमप्रकाश से बात की तो प्रधान ने एक हजार रुपये लेने की प्रक्रिया को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यदि एक-एक हजार रुपये लिए जा रहे हैं तो गलत है। वह इन सदस्यों पर कार्रवाई करेंगे। बाद में सरपंच ने पुलिस को ब्यान दिए कि यदि दो दिन में संघ के प्रधान ने इन पर कार्रवाई नहीं की तो वह लिखित में शिकायत देकर पुलिस कार्रवाई कराएंगे।
मजदूरों से रुपये लेने के मामले में पूछताछ करते सरपंच प्रेम कुमार और पुलिस कर्मी।