हरियाणा अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग ने संस्थानों और सोसायटी को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई है। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने बताया अनुसूचित जाति तथा पिछड़े वर्ग से संबंधित संस्थान और सोसायटी को वित्तीय सहायता योजना के अंतर्गत इन वर्गों के सामाजिक व शैक्षणिक उद्देश्य के लिए प्रयोग किए जाने वाले नये सामुदायिक भवन के निर्माण, अधूरे भवन को पूरा करने तथा मरम्मत करवाने के लिए 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा इन भवनों में पुस्तकालय, कंप्यूटर व अन्य शैक्षणिक उपकरण खरीदने तथा पुस्तकालय में पढ़ने की पुस्तकें तथा शिक्षा संबंधित सामान खरीदने के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि राशि देने के लिए भवन पूरा करने, नवनिर्माण व मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी। डॉ. हरदीप सिंह ने बताया कि वित्तीय सहायता लेने के लिए अनुसूचित जाति तथा पिछड़े वर्ग से संबंधित संस्थान व सोसायटी को रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 या इंडियन ट्रस्ट के अंतर्गत पंजीकृत होनी चाहिए। संस्था के पंजीकरण तथा संविधान की सत्यापित प्रति आवेदन पत्र के साथ संलग्न होनी चाहिए। संस्था के पास कम से कम 100 वर्ग गज का प्लाट होना चाहिए या सरकार, पंचायत, स्थानीय निकाय, अन्य व्यक्ति द्वारा अलॉट या डोनेट किया होना चाहिए जिसकी प्रति आवेदन पत्र के साथ संलग्न हो। प्लाट की रजिस्ट्री संबंधित संस्था के नाम होनी चाहिए तथा प्रस्तावित भवन या नक्शा, कार्य की अनुमानित लागत आवेदन पत्र के साथ संलग्न होनी चाहिए।
यह अनुदान हरियाणा राज्य में काम करने के लिए ही दिया जाएगा। इस स्कीम के अंतर्गत किसी संस्थान ने पहले अनुदान प्राप्त किया है तो वह संस्था पांच वर्ष बाद ही आवेदन कर सकती है बशर्ते कि उस द्वारा प्राप्त राशि का सदुपयोग किया गया हो। आवेदन पत्र के साथ संस्था समिति का वार्षिक लेखा जोखा एवं बैलेंस शीट और संस्था के प्रधान का नाम व जाति अंकित होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इच्छुक संस्था व समिति 8 जून तक संबंधित जिला कल्याण अधिकारी को अपना आवेदन जमा करवा सकती है।