मंगलवार को देर रात करीब 11 बजे पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड अंतर्गत फतेहपुर में संचालित बाबा तिलका मांझी आदिवासी आवासीय विद्यालय के छात्रावास में जमीन पर सो रही दो छात्राओं की सांप ने काट लिया। सांप के काटने के बाद छात्रावास में मौजूद शिक्षकों ने छात्राओं का महज 4 किलोमीटर दूर स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में ईलाज न कराकर लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित शहरघाटी मिशन में झाड़-फूंक के लिए ले गए। शहरघाटी में ओझा के मौजूद नहीं रहने पर छात्राओं को फिर वहां से लगभग 15 किलोमीटर दूर कोलखीपाड़ा में अन्य ओझा के पास लाया गया। जहां दोनों के परिजन भी पहुंच गए। ओझा के झाड़-फूंक के बाद छात्राओं की स्थिति नहीं सुधरी तो अभिभावक दोनों छात्राओं को पाकुड़ के सोनाजोड़ी स्थित सदर अस्पताल ले गए जहां, डाॅक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सर्पदंश से मरने वाली उषा सोरेन पांच साल की है तथा मार्शिला हांसदा सात साल की है। दोनों एलकेजी की छात्रा थी। दोनों ही पाकुड़ जिले के कोलखीपाड़ा के दुर्गाडीह स्थित मार्डी टोला की निवासी थीं। ।
फूस के हॉस्टल में रह रहे 207 छात्राें के सोने के लिए बेड नहीं
परिजनों ने कहा- दोनों बच्चों को हमलोग ले गए अस्पताल, पुलिस को भी सूचना नहीं
मृत छात्रा उषा सोरेन के पिता शिबू सोरेन तथा मार्शिला हांसदा के पिता स्टीफन हांसदा ने बताया कि सर्पदंश की जानकारी उन्हें मंगलवार की रात को फोन से दी गई थी। जिसके बाद हमलोग मौके पर पहुंचे। लेकिन बच्चियों की स्थिति खराब हो रही थी जिसके बाद हमलोग अपनी बच्चियों को बुधवार को अस्पताल में भर्ती कराया जहां के चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई है।
बाबा तिलकामांझी आदिवासी आवासीय विद्यालय के इसी छात्रावास के कमरे में साेई थीं दोनों छात्राएं।
सूचना पर जांच के लिए स्कूल पहुंचे सीओ, कहा-छात्रावास में हंै कई अनियमितताएं
बाबा तिलका मांझी आदिवासी आवासीय विद्यालय 2013 से संचालित है। उक्त स्कूल का निबंधन निजी स्कूल के नाम पर है जो मूलतः पुराने प्रोजेक्ट स्कूल की जर्जर भवन में संचालित है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यहां छात्र-छात्राओं की स्थिति जानवरों से भी बद्तर है। छात्रावास कच्चा है तथा छत फूस का है। यहां कुल 207 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं जबकि स्कूल में कुल सात शिक्षक हैं। इस स्कूल में एलकेजी से पांचवें क्लास तक की पढ़ाई होती है। घटना की जानकारी मिलते ही गुरुवार को अंचल अधिकारी सफी आलम ने स्कूल का दौरा किया व वहां मौजूद प्रधान शिक्षक सह संचालक मुकेश मुर्मू की जमकर क्लास लगाई। साथ ही प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को सर्पदंश से हुई मौत मामले के जांच के आदेश दिए। सीओ ने कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा घोर लापरवाही बरती जा रही है, जिसका नतीजा यह घटना है। छात्रावास में इतनी अनियमितता है कि कुछ कहा नहीं जा सकता। बच्चों को जमीन पर सुलाना खुद में एक अपराध है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।