फतेहपुर | कस्बे में अनमोल भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध सेठ जगन्नाथ सिंघानिया हवेली में गुरुवार को संत कवि सुंदरदास के लिखे छंदों पर बने भजनों पर भजन संध्या हुई। फतेहपुर शेखावाटी प्रगति संघ मुंबई तथा विरासत संरक्षण संगठन द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया। गायक उपेंद्र मिश्रा द्वारा शास्त्रीय संगीत में भजनों का गायन किया। इसमें तबले पर खलील एवं हारमोनियम पर जयकांत खरादी द्वारा संगत दी गई। संत सुंदरदास के छंदों पर बने भजनों की प्रस्तुतियों से श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय कवि संत सुंदरदास दादू संप्रदाय के दूसरे सबसे बड़े संत हुए और करीब चार सौ वर्ष पूर्व उन्होंने कस्बे में 33 वर्षों तक निवास कर संपूर्ण साहित्य रचना फतेहपुर में की गई थी। महाकवि रविन्द्र नाथ टैगोर ने सुंदरदास को साहित्य का शंकराचार्य कहा था। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास उपनिदेशक पुष्करराज शर्मा, अर्जुन पुरस्कार विजेता अंतरराष्ट्रीय राष्ट्रीय खिलाड़ी सुरेश मिश्रा, ओमप्रकाश जाखड़, डॉ. बीएल सोनी, डॉ. आरजी शर्मा, पूर्व उपकोषाधिकारी प्रेमप्रकाश छकड़ा, शंभु पारीक, रामगोपाल सैनी, मुन्ना भोजक, मेहराज हुसैन, आशीष हिसारिया, दिनेश, सुरेश जाखड़ सहित फतेहपुर शेखावाटी प्रगति संघ एवं विरासत संरक्षण संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों सहित कस्बे के अनेक अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।