दिव्यांग बच्चों को बिना भेदभाव के स्कूलों में मिलेगी शिक्षा : डीसी
प्रशासनिक कांप्लेक्स में डीसी ईशा कालिया ने कहा की दिव्यांग बच्चों को आम बच्चों की तरह ही समझना चाहिए। इन बच्चों को बिना किसी भेदभाव के दूसरों बच्चों की तरह ही सहूलियतें मुहैया करवानी यकीनी बनानी चाहिए। डीसी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों और सामाजिक सुरक्षा और स्त्री बाल विकास पंजाब चंडीगढ़ के दिशा-निर्देशों अनुसार दिव्यांग बच्चों के मनोबल को ऊंचा उठाने के लिए जिले की शिक्षा संस्थाओं, तकनीकी शिक्षा संस्थाओं, समूह यूनिवर्सिटियों, सरकारी अस्पतालों और सरकारी बसों में इस तरह के बोर्ड लगाए जाएं, जिससे आम लोगों को इस बारे अधिक से अधिक जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा की दिव्यांग बच्चों के हकों की रक्षा और भलाई के लिए सरकार अलग-अलग प्रयास कर रही है। कानूनी तौर पर 6 से लेकर 18 साल तक के हर एक दिव्यांग बच्चे को सरकारी स्कूल या स्पेशल स्कूल में बिना किसी भेदभाव के मुफ्त शिक्षा, सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं में 5 प्रतिशत सीटों रिजर्व और दाखिले की ऊपरी उम्र सीमा में 5 साल की छूट, खेल और मनोरंजन क्रियाएं बिना भेदभाव से भाग लेने की सुविधा मुहैया करवाना लाजिमी किया गया है।
कहा-दाखिले की उम्र सीमा में 5 साल की है छूट
दिव्यांगों की सुविधाओं संबंधी जारी किए गए फ्लैक्स को स्थापित करती हुए डीसी।