बेरोजगार लाइनमैन यूनियन (पंजाब) की शाखा जिला फाजिल्का की बैठक वीरवार को स्थानीय प्रताप बाग में हुई। प्रांतीय नेता सुरिन्द्र धरांगवाला ने बताया कि बेरोजगार लाइनमैन अपने रोजगार प्राप्ति के लिए गत लम्बे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गत अकाली-भाजपा सरकार ने लाइनमेनों के संघर्ष के अंतर्गत जनवरी 2011 में 5000 लाइनमेनों का विज्ञापन जारी कर काउंसलिंग करने के बाद केवल 1000 लाइनमैनों को ही नियुक्त पत्र जारी कर दिए थे ओर उस समय से ही शेष रहते 4000 लाइनमैन आज तक संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी द्वारा महारानी प्रनीत कौर, राजिन्द्र कौर भठल, साधू सिंह धर्मसोत, राजा वडिंग, चरणजीत सिंह जो वर्तमान कैबिनेट में मंत्री हैं उनके द्वारा लाइनमैनों का समर्थन करते हुए भूख हड़ताल रखी गई थी ओर विश्वास दिलाया गया था कि कांग्रेस की सरकार बनने पर सभी लाइनमेनों को पक्का रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा, लेकिन इसके विपरीत जब कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बन गई तो उन्होंने लाइनमैनों के साथ धोखा करते हुए 1500 सहायक लाइनमैनों का विज्ञापन जारी कर दिया था जिसका यूनियन ने विरोध किया तो पावरकॉम ने यूनियन के साथ किए समझौते के अंतर्गत आयु सीमा पार कर रहे लाइनमैनों को एडजस्ट करने के लिए आयु सीमा 37 वर्ष से बढ़ाकर 42 वर्ष व पोस्टों की संख्या 1500 से बढ़ाकर 2800 की गई, लेकिन पावरकाम द्वारा भर्ती के प्रोसेस को इतनी कम रफ्तार से चलाया गया कि तीन नए बैच भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के कारण पुराने साथी मैरिट में से बाहर हो गए जिसका पुराने यूनियन सदस्यों में सरकार व पावरकाम के प्रति भारी रोष है। जिला नेता पाला राम ने सरकार को आह्वान किया कि सरकार सीआरए 289/16 में पोस्टों की संख्या 4500 कर बेरोजगार लाइनमैनों को रोजगार देकर वादा पूरा करे।
फाजिल्का में बैठक करते हुए बेरोजगार लाइनमैन यूनियन के सदस्य।