आरटीआई से हुआ खुलासा, एलपीजी हादसे में 40 लाख रुपए तक कर सकते हैं क्लेम
घरों एवं अन्य परिसरों में कुकिंग गैस सिलेंडर संबंधित हादसों में पीड़ित मुआवजे के लिए क्लेम कर सकता है। इस बात का फाजिल्का के आरटीआई एक्टिविस्ट एवं एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल क्लब के संस्थापक राजन लूना द्वारा मांगी सूचना में एक अहम खुलासा हुआ है। आरटीआई एक्टिविस्ट लूना ने जब देखा कि अकसर कुकिंग गैस हादसों के मुआवजे की बात तो होती है तो आम आदमी को कोई जानकारी नहीं होती। इसे लेकर लूना ने राइट आफ इंफर्मेशन एक्ट का सहारा लिया तो मिनिस्ट्री आफ पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय से मिली जानकारी में खुलासा हुआ है कि किसी व्यक्ति की सिलेंडर दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उसे 6 लाख रुपए मिलते हैं। प्रत्येक व्यक्ति के इलाज के लिए 2 लाख रुपए और किसी एक घटना में अधिकतम 30 लाख रुपए इलाज के लिए मिलते हैं। दुर्घटना में संपत्ति का नुकसान होने पर 2 लाख रुपए मिलने का प्रावधान है। आरटीआई में मिली जानकारी बारे आरटीआई एक्टिविस्ट लूना ने बताया कि एलपीजी दुर्घटना का मुआवजा बीमे के रूप में ही मिलता है। बीमा की ये राशि तब ही मिलेगी जब ग्राहक कुछ जरूरी नियमों का पालन करता हो। तेल कंपनियों को पब्लिक लाइबिलिटी पालिसी फार आयल इंडस्ट्री को उपभोक्ताओं का बीमा करवाना जरूरी होता है। इस बीमे की सबसे खास बात ये है की ये सिर्फ ग्राहक के रजिस्टर्ड पते पर ही मान्य होता है।
गैस एजेंसियां नहीं देतीं बीमे संबंधी जानकारी : लूना ने बताया कि जिस प्रकार अन्य खरीद फरोख्त को लेकर उपभोक्ता जागरूक हैं, उसी तरह कुकिंग गैस मामले में भी जागरूक होना होगा। उन्होंने बताया कि ज्यादातर उपभोक्ता इस बात से बेखबर हैं। इस बारे में कनेक्शन प्राप्त करने के दौरान गैस एजेंसी वालों द्वारा उपभोक्ताओं को इस बात की जानकारी भी नहीं दी जाती है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में इस राशि से पीड़ित वंचित रह जाते हैं।