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रोज हो रही बादलवाही से गेहूं उत्पादक परेशान, बारिश आती है तो होगा नुकसान

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| सीतो गुन्नो

एक तरफ जहां गेहूं की फसल पक कर तैयार है, वहीं रोज-रोज हो रही बादलवाही किसानों के लिए चिंताजनक विषय है। शुक्रवार सुबह सरहदी राजस्थान में काफी बरसात और ओलावृष्टि के कारण काफी नुकसान हुआ, जिसके चलते पंजाब के सरहदी गांवों के किसानों की चिंता बढ़ रही है, क्योंकि बैसाखी को कुछ दिन ही बाकी रह गए हैं। इस दिन को किसान एक त्यौहार की तरह मनाते हैं और अपनी गेहूं की फसल काटने की शुरूआत करते हैं। अगर ऐसे में अब बरसात आती है या साथ में तेज हवा चलती है तो यह किसानोंं के लिए मुसीबत से कम नहीं होगी। किसान सुभाष कुमार ने बताया कि अगर इस मौसम में तेज बारिश होती है तो गेहूं की सभी बालिया खराब हो जाएंगी और नीचे झड़ जाएंगी जिससे किसानो को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसीलिए दिन-प्रतिदिन हो रहे बादलों के कारण किसानों की चिंता बढ़ा रही हैं।(राकेश वर्मा)

गांव रणजीतपुरा में पकी हुई गेहूं की फसल।

किसानों को दी आगजनी से फसल बचाने की जानकारी
फाजिल्का| पंजाब स्टेट पावरकॉम निगम फाजिल्का ने किसानों को गेहूं की फसल को आग लगने की घटनाओं से सुचेत रहने की अपील की है। फाजिल्का के कार्यकारी इंजीनियर रमेश कुमार ने किसानों को खड़ी, काटी हुई गेहूं को आग लगने से बचाने के लिए विशेष सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल को नुकसान से बचाने के लिए हारवेस्ट कम्बाइन सिर्फ दिन के समय ही चलाई जाए और हारवेस्ट कम्बाइन के पुर्जो से निकलने वाली चिंगारियों पर ध्यान रखा जाए। उन्होंने बताया कि हारवेस्ट कम्बाइन खंभों, बिजली की तारों और खिंचाव के साथ नहीं टकरानी चाहिए और काटी हुई गेहूं फसल बिजली की तारों के नीचे या ट्रांसफार्मर और जीओ( गैंग आपरेटिंग) स्विच के नजदीक न रखी जाए। कार्यकारी इंजीनियर ने बताया कि ट्रांसफार्मर के आसपास की एक मरला गेहूं पहले ही काट ली जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी बिजली की लाइन से स्पार्क हो रहा है, तो इसकी सूचना हेल्पलाइन नं 1912 पर दी जा सकती है। गेहूं के नजदीक किसी मजदूर को बीड़ी, सिगरेट आदि न पीने दी जाए। कार्यकारी इंजीनियर ने बताया कि ट्यूबवैलों के खालों को पानी के साथ भर कर रखा जाए।

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