भास्कर संवाददाता| फिरोजपुर
आरटीआई से मांगी गई सूचना में खुलासा हुआ है कि पंजाब सरकार की 99 करोड़ की प्रोजेक्ट स्कीम में शहर के तूड़ी बाजार स्थित शहीद भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी साथियों के गुप्त ठिकाने को यादगार बनाना शामिल नहीं किया है। लेखक राकेश कुमार ने पंजाब हेरिटेज एवं टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड से सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी जिसमें उक्त ठिकाने को यादगार बनाने का जिक्र नहीं है। शहीदी दिवस 23 मार्च को वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा था कि 99 करोड़ के प्रोजेक्टों के तहत शहर के तूड़ी बाजार में बना शहीदों के गुप्त ठिकाने को शहीदों की यादगार में तबदील किया जाएगा। इससे पूर्व अगस्त माह में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने भी इस ठिकाने को म्यूजियम में तबदील करने की बात कही थी।
खोजी लेखक राकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत संबंधित विभाग से 99 करोड़ के प्रोजेक्टों में कौन-कौन से प्रोजेक्ट शामिल हैं, कितनी लागत से बनेंगे और साथ में यह भी पूछा था कि उक्त स्कीम में फिरोजपुर शहर तूड़ी बाजार में बने शहीदों के गुप्त ठिकाने को यादगार बनाना शामिल है या नहीं। पंजाब हेरिटेज एवं टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड ने सूचना दी कि 99 करोड़ के प्रोजेक्टों में तूड़ी बाजार में बने शहीदों के गुप्त ठिकाने को यादगार बनाना शामिल नहीं है।
मनप्रीत बादल और नवजोत सिद्धू ने किया था यादगार बनाने का ऐलान, लेखक राकेश ने पंजाब हेरिटेज एवं टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड से मांगी सूचना
तूड़ी बाजार स्थित शहीद भगत सिंह का गुप्त ठिकाना।
येेे कार्य हैं प्रोजेक्ट में शामिल
प्रोजेक्टों में फिरोजपुर में डेढ़ करोड़ की लागत से ऐतिहासिक गुरुद्वारा सारागढ़ी में कुछ कार्य किया जाएगा, 25 लाख की लागत से भारत-पाक युद्ध के दौरान नष्ट हुए हुसैनीवाला रेलवे स्टेशन का निर्माण होगा, हुसैनीवाला बार्डर स्थित शहीदी स्मारक पर लाइट साउंड सिस्टम के लिए छह करोड़ और 25 लाख रुपये से शहीदी स्मारक के आसपास के क्षेत्र की मरम्मत की जाएगी। बता दें कि गत 15 अगस्त को मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शहीदी स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि तूड़ी बाजार में बने शहीदों के गुप्त ठिकाने को यादगार में तबदील किया जाएगा। इसी प्रकार गत शहीदी दिवस पर मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने शहीदी स्मारक पर आयोजित समारोह में पत्रकार वार्ता में कहा था कि प्रोजेक्टों में तूड़ी बाजार में बनी शहीदी के गुप्त ठिकाने की इमारत को शामिल किया है।