मृत्युभोज न करने को जागरूक कर रही खत्री वेलफेयर सभा
समाज में रहते हुए व मृत्यु के बाद परिजनों की ओर से सामाजिक ताने-बाने व अपनी बिरादरी में रुतबा रखने के लिया किया जाने वाला मृत्युभोज कई लोगों पर कर्ज का कारण बन जाता है, जिसको दूर करने के लिए शहरी की खत्री वेलफेयर सभा बीड़ा उठाए हुए है। सभा के 70 सदस्यों ने शपथ ली है कि वे लोकल रहते किसी भी जानपहचान वाले, संबंधी आदि के घर जाकर रस्म किरया पर आयोजित किया जाने वाला मृत्युभोज नहीं करेंगे व अन्य लोगों को इसके लिए जागरूक करेंगे। 4 वर्ष पूर्व रिटायर्ड सरकारी कर्मी तरसेम बेदी ने इस सभा की स्थापना की व अनेक नेकी भलाई कार्य शुरू किए जिनमें जरूरतमंद बच्चों को सेशन की शुरुआत में पढ़ाई के लिए पुस्तकें, कॉपियां व स्टेशनरी वितरित करना, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान करना, पौधा रोपण करना व उनकी संभाल करना, मंदबुद्धि बच्चों के लिए प्रत्येक तीन माह के बाद आयोजित होने वाले कैंप में पहुंचने वाले बच्चों व उनके परिजनों के चाय-रोटी का प्रबंध करने के अलावा बहुत से अन्य नेक भलाई कार्य किए जा रहे हैं। कमेटी के महासचिव प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि जब इस सभा की स्थापना की गई तो उस समय केवल खत्री समाज के लोगों के लिए इसका फायदा उठा सकते थे मगर बाद में इसे सभी के लिए कर दिया गया कोई भी व्यक्ति पहुंचकर खत्री सभा से मिलने वाले फायदे प्राप्त कर सकता है। छावनी के शीतला माता मंदिर में प्रत्येक तीन माह के बाद एक संस्था की ओर से दिव्यांग व मंदबुद्धि बच्चों का कैंप लगाया जाता है जिसमें कमेटी सदस्यों की ओर से विशेष बच्चों के साथ-साथ उनके परिजनों के भी खाने-पीने का प्रबंध किया जाता है। सभा की ओर से मृत्युभोज न खाने के लिए चलाई गई मुहिम में इनके साथ काफी युवा भी जुड़ चुके हैं जोकि लोकल आयोजित होने वाले भोग कार्यक्रम में खाना नहीं खाते व लोगों को इसके लिए प्रेरित करते हैं। मौजूदा स्थिति मे सभा में कुल 70 सदस्य हैं जोकि प्रत्येक वर्ष आपसी में 100 रुपए प्रति माह आपस में कलेक्ट करते हैं जिसे सभी भलाई कार्यों में खर्च किया जाता है।
समाज से कुरीतियों को मिटाने में जुटे सभा के 70 सदस्य, मृत्युभोज नहीं करने की ली शपथ
खत्री वेलफेयर सभा के सदस्य मृत्युभोज न करने की शपथ लेते हुए।
कमेटी में हैं ये सदस्य
खत्री वेलफेयर सभा में कुल 70 सदस्य हैं जिनमें तरसेम बेदी प्रधान, प्रवीण मल्होत्रा महासचिव हैं इसके अलावा सुभाष चौधरी, पवन भंडारी, प्रवीण तलवाड़, पुरषोतम मेहता, सुरेंद्र बेरी, दर्शन सिंह धवन के अलावा प्रदीप बिंद्रा सदस्य के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।