कीड़ों वाला पानी पीने को मजबूर अमृतसरी गेट के लोग
वाटर सप्लाई विभाग की अनदेखी के चलते शहर के अमृतसरी गेट के लोग गंदा, बदबूदार व कीड़ों वाला पानी पीने को मजबूर हैं। दूषित पानी के सेवन से बच्चों को पेट दर्द, डायरिया जैसी बीमारी फैलने की आशंका बन गई है। मोहल्ला निवासियों आरोप है कि वे कई बार विभाग के दफ्तर में जाकर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है।
अमृतसरी गेट के रहने वाले बिटू मल्होत्रा, राजन, रोहित, दीपक धवन, अशोक कुमार, संदीप कुमार, रवि धवन, अंजू, सीता सहित कई लोगों ने बताया कि सीवरेज बोर्ड की अनदेखी के कारण घरों में गंदे पीने के पानी सप्लाई हो रही है। उन्हें पैसे खर्च कर प्राइवेट कंपनियों से पानी लेना पड़ रहा है।
बीमारियों को न्यौता : सिविल अस्पताल के एसएमओ प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि गंदा पानी पीने से पेट की अनेक बीमारियां हो जाती हैं जैसे कि दस्त लगना, उल्टी आना आदि। उन्होंने बताया
कई बार तो पानी से कपड़े भी नहीं धोए जाते
मोहल्ला निवासियों ने बताया कि कई बार तो पानी इतना खराब होता है कि टायलेट तक में भी उपयोग नहीं कर पाते हैं। गंदे पानी से कपड़े धोने का भी मन नहीं करता। लोगों ने बताया कि वे गंदे पानी की बोतल लेकर विभाग के दफ्तर में कई बार गए। आला अधिकारी शाम को कर्मचारियों को भेजते हैं। कर्मचारी लोगों को दूसरी तरफ से कनेक्शन लेने की सलाह देकर चले जाते हैं। सीवरेज बोर्ड के जेई गुरविंदर सिंह ने कहा कि वह जल्द ही इसका समाधान करवाएंगे।
बोतल में भरा गंदा पानी।
सुनवाई नहीं हुई : पार्षद
अमृतसरी गेट के पार्षद मुनीश धवन ने बताया कि मोहल्ला निवासियों के साथ वह हर समय खड़े हैं। मोहल्ला निवासियों की शिकायत पर उन्होंने सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों से बात की थी लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की।