370 आंगनबाड़ी केंद्र मिले बंद, मक्खू के 171 करवाए शुरू
भास्कर संवाददाता | फिरोजपुर
फिरोजपुर का नाम देश के सबसे अधिक पिछड़े हुए 115 जिलों में आने बाद सभी सरकारी योजनाओं को कड़ाई से लागू करवाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी कड़ी में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार के अंडर सेक्रेटरी उदय मेहता यहां पहुंचे। उन्होंने 2 दिन में 46 आंगनबाड़ी केंद्रों का रेंडमली निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अपनी फीडबैक डीसी को सौंपी। उदय मेहता के दौरे के दौरान पाया गया कि मक्खू और गुरु हर सहाए के 370 आंगनबाड़ी केंद्र किन्हीं कारणों से बंद पड़े थे। उन्होंने समस्याओं का निष्पादन करते हुए मक्खू के आंगनबाड़ी केंद्र आरंभ करवा दिए और गुरु हर सहाए के केंद्रों काे मंत्रालय में बात कर शीघ्र चलाने का आश्वासन दिया।
अंडर सेक्रेटरी उदय मेहता ने आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर रिकॉर्ड खंगाला और गहनता से जांच की। इसमें गर्भवती महिलाओं को योजना के तहत दिए जाने वाले लाभ का जायजा लिया। पूरा रिकॉर्ड देखा गया कि गर्भवती महिलाओं का पूरा विवरण रजिस्टर में एंट्री किया हुआ है या नहीं। इस दौरान मक्खू और गुरु हर सहाए खंड में आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले। इसके बाद अंडर सेक्रेटरी उदय मेहता ने स्टेट नोडल ऑफिसर पंकज शर्मा से इस मामले को लेकर बातचीत की और उसके बाद समस्याओं का निष्पादन करते हुए मक्खू खंड के आंगनबाड़ी केंद्रों को शुरू कर दिया गया और गुरु हर सहाए के केंद्रों को चलाने के लिए आ रही समस्याओं को मंत्रालय में उठाकर शीघ्र शुरू करने का आश्वासन दिया। दोनों खंडों में 171 आंगनबाड़ी केंद्र बिना एलजीडी कोड और 199 केंद्र विद एलजीडी कोड वाले बंद हैं। अंडर सेक्रेटरी ने सभी सीडीपीओ को गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं का पूरा रिकॉर्ड डायरी में दर्ज करने की हिदायत दी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में निरीक्षण करते केंद्र सरकार के अंडर सेक्रेटरी उदय मेहता।
2040 केस पंजीकृत
जिला प्रोग्राम अधिकारी र|दीप संधू ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब कुल 2040 केस पंजीकृत हैं जिसमें से 1295 गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को योजना के तहत राशि प्रदान कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में लाभपात्रियों की संख्या 4210 है। बता दें कि प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को औसतन 6000 रुपए राशि प्रदान की जाती है। इन महिलाओं का रिकॉर्ड आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज किया जाता है। इसमें आंगनबाड़ी वर्कर के अलावा आशा वर्कर भी काम करती हैं।
योजनाओं का प्रचार करने की हिदायत
उन्होंने बच्चों के टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का प्रचार करने और ग्राम पंचायतों का सहयोग लेने की भी हिदायत दी। अंत में उन्होंने योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करवाने को लेकर लिए गए जायजे में संतुष्टीपूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने अपने दो दिवसीय दौरे की फीडबैक डीसी रामवीर को भी दी।