‘पढ़ो पंजाब-पढ़ाओ पंजाब’ प्रोजेक्ट का बायकॉट करने वालों पर होगी कार्रवाई
भास्कर संवाददाता | फिरोजपुर
राज्य के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ो पंजाब पढ़ाओं पंजाब प्रोजेक्ट को पूर्णतया लागू करने को लेकर शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखते हुए आदेश जारी किए कि अगर कोई स्कूल मुख्याध्यापक पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट के काम में या सीएमटी, बीएमटी को बच्चों का स्कूल रिकार्ड, विजिटर बुक देने में सहयोग नहीं करता तो उस पर तुरंत नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाए व इसकी रिपोर्ट मुख्य कार्यालय को दी जाए वहीं अध्यापक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर इस प्रोजेक्ट का बायकॉट कर रहे हैं जोकि सरकारी स्कूलों में बच्चों की इनरोलमेंट पर गहरा असर डालेगी।
विभाग द्वारा प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की इनरोलमेंट बढ़ाने के लिए बीते दिनों मशाल मार्च निकाले गए। राज्य के प्रत्येक जिले के डीईओ व अन्य टीचरों ने इन मशाल मार्च में शामिल होकर सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले बढ़ाने को लेकर खूब मेहनत की मगर अब विभाग के प्रोजेक्ट का विरोध करना दाखिला प्रक्रिया पर असर डालेगा।
बीते दो वर्षों में राज्य के स्कूलों में चलाया गया प्रोजेक्ट पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब स्कूलों में बीएमटी व सीएमटी की ओर से जांच व कक्षा संबंधित अध्यापक को बच्चों को अच्छे तरीके से आगे बढ़ाने के टिप्स देने की बजाय की जाने वाली अफसरशाही की वजह से प्रोजेक्ट कामयाब नहीं हुआ। इसी को देखते हुए इस बार शिक्षा विभाग सेक्रेट्री कृष्ण कुमार की ओर से दिए गए सख्त निर्देशों के चलते इस प्रोजेक्ट में सही तरीके से काम न करने वाले टीचरों को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
शिक्षा विभाग निदेशक की ओर से जारी पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट का मकसद सभी सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। यह प्रोजेक्ट सरकार द्वारा बजट स्पीच का भी हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट के जरिए बच्चों को निचले स्तर से उठाकर पाठ्य पुस्तकों के साथ जोड़ना है।
प्रोजेक्ट से शिक्षा का स्तर बढ़ा नहीं, कम हुआ : पन्नू
ईटीयू के प्रदेशाध्यक्ष हरजिंद्र पाल सिंह पन्नू से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शिक्षा बचाओ मंच की ओर से पूरे प्रदेश में पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट का बायकॉट किया गया है जब तक सरकार की ओर से अध्यापकों की मांगें नहीं मान ली जाती तब तक वे अध्यापन वर्ग के अलावा कोई कार्य नहीं करेंगे। पन्नू ने कहा कि 2008 में शुरू हुए प्रोजेक्ट से शिक्षा का स्तर ऊंचा नहीं हुआ जबकि गिरा है इसलिए हम बच्चों को सेलेबस के अनुसार ही पढाएंगे।
नियमानुसार होगी कार्रवाई
पंजाब शिक्षा विभाग सचिव कृष्ण कुमार ने कहा कि पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब सरकार का प्रोजेक्ट है। कोई पालना नहीं करेगा तो नियम हैं कि उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह बजट स्पीच का हिस्सा है।
कई मुख्याध्यापक
नहीं करते सहयोग
जिला कोआर्डिनेटर, बीएमटी, सीएमटी को पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों के शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने के लिए सरकारी ड्यूटी कर इंद्राज स्कूल रिकार्ड, विजिटर बुक में में दर्ज किया जाना होता है मगर कार्यालय मंे देखने में आया है कि कुछ स्कूल मुख्याध्यापक स्कूल विजिटर बुक देने में बीएमटी व सीएमटी को सहयोग नहीं दिया जा रहा जोकि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रोजेक्ट में विघ्न डालने व सरकारी आदेशों की उल्लंघना करना है, जिसके लिए उन्हें विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।