राजनीतिक दबाव में काम कर रही पुलिस: बोघा सिंह
भास्कर संवाददाता | फिरोजपुर
गांव झोक हरिहर के किसानों की ओर से जमीन पर लगी धारा 145 हटवाने व गिरदावरी नाम करवाने की मांग को लेकर लगाए गए धरने को 6 माह हो चुके हैं, वहीं आमरण अनशन पर बैठी किसान परिवार की दो बजुर्ग महिलाओं को भी 21 दिन हो गए हैं मगर प्रशासन की ओर से किसी अधिकारी ने धरने पर पहुंचकर अनशन पर बैठी महिलाओं का हालचाल नहीं जाना है। किसानों का कहना है कि सोमवार को आप नेता सुखपाल सिंह खैहरा अगर अनशनकारी महिलाओं का हाल जानने पहुंचे तो कांग्रेसी गुंडो की ओर से उनका घेराव करने का प्रयास किया गया व पुलिसकर्मियों से मारपीट की गई। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धपुर जनरल सेक्रेट्री बोघा सिंह मानसा ने कहा कि सोमवार को कांग्रेसी गुंडों ने जो पुलिस से मारपीट कर सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाई गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के उच्च अधिकारियों की ओर से आरोपियों पर कार्रवाई न करना कहीं न कहीं सिद्ध करता है कि पुलिस अधिकारियों पर भारी राजनीतिक दबाव है। उन्होंने मांग की है कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पीड़ित किसान परिवार की महिलाओं का कोई जान-माल का नुकसान होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जिला अधिकारियों व सरकार की होगी। इस मौके पर बोहड़ सिंह, फतेह सिंह कोटकरोड़, मेजर सिंह, चरणजीत सिंह, रजिंद्र सादिक, बलवीर सिंह, सुखदेव सिंह व सिकंदर सिंह उपस्थित थे।
धरने पर बैठे भाकियू एकता सिद्धपुर सदस्य।