पिछले तीन माह से विद्यार्थियों के मिड-डे मील पर गहराया संकट समाप्त हो गया है। आखिरकार सरकार ने राशन भेज दिया है। दुकानों से उधारी पर राशन ले रहे शिक्षकों ने भी राहत की सांस ली है। जिले के 855 स्कूलों में 71 हजार विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील राशन शनिवार को जारी कर दिया गया था। इसके साथ ही मिड-डे मील बनाने वाली कार्यकर्ताओं का मेहनताना भी पहुंच गया है। मिड डे मील को देख रहे विभाग के कर्मचारी सुखविंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को 1930 मिड डे मील कार्यकर्ताओं के लिए 3.50 करोड़ रुपये की राशि व राशन सामग्री प्राप्त हो गई है। जिले में 615 प्राइमरी व 240 अपर प्राइमरी स्कूलों में 70 हजार 911 विद्यार्थियों को मैन्यु के अनुसार हर रोज मिड डे मील तैयार किया जाता है। इसके साथ ही शिक्षक अपने स्तर पर दुकानों से राशन उधार लेकर काम चला रहे थे। जैसे ही राशन पहुंचा तो कार्यकर्ताओं के साथ-साथ शिक्षकों ने भी राहत की सांस ली।
गुड न्यूज
तीन माह बाद आया 71 हजार बच्चों के मिड-डे मील का राशन, अध्यापकों ने भी ली राहत की सांस
स्कूल में मिड डे मील खाते बच्चे फाइल फोटो
पनग्रेन के पास पहुंचा राशन
अब सभी स्कूलों का राशन पनग्रेन एजेंसी के पास पहुंच गया है जहां से स्कूलों में वितरण करने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी प्रकार मिड डे मील पकाने वाली कुक व हेल्पर भी मानदेय की बाट देख रही थी उनके घरों का दो वक्त चूल्हा गर्म होने पर संकट गहराया हुआ था।
इस वर्ष का मैन्यु
सोमवार- दाल, घीया व रोटी
मंगलवार- पौष्टिक खिचड़ी व दाल और मौसमी सब्जी के साथ रोटी
बुधवार काले छोले आलू के साथ व रोटी
वीरवार- कड़ी-पकोड़े और चावल
शुक्रवार मौसमी सब्जी और रोटी के साथ खीर
शनिवार दाल व चावल