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65 हाई स्कूलों में से 50 में नहीं हेडमास्टर तो 370 टीचर्स की कमी

3 वर्ष पहले
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हिंद-पाक सीमा पर बसा जिला फिरोजपुर प्रत्येक क्षेत्र में पिछड़ेपन की श्रेणी में गिना जाने लगा है। शैक्षणिक तौर पर पिछड़े हुए इस जिले में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। हालांकि प्रशासन ने रेमेडियल कक्षाएं शुरू करवा कर शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास किया पर स्थायी तौर पर अध्यापकों की कमी कहीं न कहीं विद्यार्थियों की शिक्षा को प्रभावित कर रही है। जिले के सवा सौ स्कूलों में रेमेडियल कक्षाएं लगाई गई थी जो इस शिक्षा सत्र में भी जारी रह सकती हैं। इनके लिए अलग से वॉलंटियर शिक्षकों की व्यवस्था की गई थी। शिक्षा क्षेत्र की बात करें तो 65 हाई स्कूलों में से 50 में हेडमास्टर के पद रिक्त हैं तो वहीं संबंधित विषयों के 370 अध्यापकों की कमी के चलते विद्यार्थियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस बार पंजाब शिक्षा बोर्ड की ओर से दसवीं कक्षा में 52.33 परिणाम प्रतिशत के साथ जिला राज्य में 21 वें स्थान पर रहा है व मैरिट की बात करें तो 11,588 विद्यार्थियों में से केवल 5 छात्राएं ही मैरिट सूची में नाम शामिल करवाने में सफल रही हैं।

दसवीं परीक्षा परिणाम में जिला राज्य में रहा 21 वें स्थान पर मगर विभागीय अधिकारियों की नहीं खुली आंख

नया सेशन शुरू होने के बाद भी नहीं ली सार

जिले के हाई स्कूलों में मुख्याध्यापकों व संबंधित विषय के अध्यापकों की कमी के चलते बीते सेशन के परिणाम प्रतिशत में तो कमी आई ही मगर नया सेशन शुरू होने के बाद भी विभाग की आंख नहीं खुली है। विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं तो विद्यार्थियों के लिए मुसीबत बनी हुई है। सरकार व शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में दाखिला बढ़ाने को लेकर बहुत अभियान चलाए गए मगर किस लक्ष्य को लेकर लोग विद्यार्थियों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवाएं अगर स्कूलों में अध्यापक ही नहीं है। अध्यापकों की कमी का शिकार विद्यार्थी क्यों बनें।

जल्द डिमांड अधिकारियों को भेजी जाएगी

जिला शिक्षा अधिकारी नेक सिंह ने कहा कि स्कूलों में रिक्त पड़े पदों की डिटेल बनाई जा रही है जिसके लिए जल्द ही डिमांड विभागीय अधिकारियों को भेजी जाएगी ताकि पदों पर नियुक्ति हो सके व विद्यार्थियों की पढ़ाई में कोई परेशानी न आए।

इन अध्यापकों की है

स्कूलों में कमी

एग्रीकल्चर विषय के सेंक्शन पद 3 है तो 1 रिक्त है, डीपीई के सेंक्शन पद 57 है जबकि 36 पद रिक्त है, एसएसटी व इंग्लिश के कुल सेंक्शन पद 491 हैं जिनमें 102 पद रिक्त हैं, फाइन आर्ट का एकमात्र सेंक्शन पद रिक्त पड़ा है, हिंदी के सेंक्शन 264 पदों में 5 रिक्त हैं, गणित के सेंक्शन पद 270 है जिनमें 61 खाली हैं, संगीत के सेंक्शन पद 5 है जिनमें 3 रिक्त पड़े हैं, पंजाबी सेंक्शन पद 250 में रिक्त 11 है, साइंस के 345 में 150 रिक्त है वहीं 50 स्कूलों में हेडमास्टर नहीं है।

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