भूमिगत डॉक्टर के खिलाफ तीन सदस्यीय कमेटी की जांच शुरू
सिविल अस्पताल में मलूवाला गांव की महिला लखविंदर कौर की कथित पिटाई के मामले में आखिरकार सेहत विभाग की नींद टूट गई। उसने सोमवार को असिस्टेंट सीएमओ डॉ. , एसएमओ डॉ. प्रदीप अग्रवाल और डॉ. पर आधारित तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी, जिसने जांच शुरू कर दी। अस्पताल की एक्टिंग सीएमओ डॉ. रेण सिंगला के अनुसार, विभागीय जांच रिपोर्ट मिलने पर आगामी कार्रवाई के लिए निदेशक को भेज दी जाएगी। इस मामले में ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. कुशलदीप सिंह नामजद आरोपी हैं। वह शुक्रवार दोपहर के बाद से भूमिगत हैं। उस दिन उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में लखविंदर कौर को न सिर्फ बालों से घसीटा, बल्कि बुरी तरह से पीटा था। इसका वीडियो शनिवार सुबह वायरल हो गया था। इसके बाद डॉक्टर के खिलाफ सिटी थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच अफसर सिटी थाने के एएसआई सुखदेव सिंह के अनुसार, उनकी धरपकड़ के लिए छापेमारी जारी है।
सिविल अस्पताल में महिला की पिटाई का मामला
150 रुपए दिहाड़ी पर रखी थी महिला
महिला ने आरोपी डॉक्टर पर यह आरोप लगाकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया कि वह तो डॉक्टर के पास काम करती थी। अब तक इस बात की चर्चा थी कि वह दवा लेने डॉक्टर के पास गई थी। सूत्रों के अनुसार, महिला डॉ. कुशलदीप के वार्ड में 150 रुपए प्रतिदिन की दिहाड़ी पर काम करती थी, जिसको डॉक्टर ने कथित तौर पर अपने स्तर पर रखा हुआ था। महिला के आरोप पर एक्टिंग सीएमओ डॉ. रेण सिंगला ने कहा कि विभागीय व्यवस्था के अनुसार कोई भी डॉक्टर अपने स्तर पर किसी हेल्पर या अन्य पद के लिए भर्ती नहीं कर सकता। इसके बावजूद यदि ऐसा हुआ है तो विभाग के संदेह के कठघरे में आना स्वाभाविक है। अगर महिला का यह आरोप सही पाया गया तो कार्रवाई होगी।
पुलिस को जानकारी देती पीड़ित महिला