भास्कर संवाददाता | बालागांव/डगावाशंकर
जलाभिषेक अभियान के तहत जिले के गहाल में नदी व तालाब का गहरीकरण शुरू किया गया है। इसमें ग्रामीण रोजाना चार घंटे तक श्रमदान कर रहे हैं। इसके अलावा सामाजिक संगठन, छात्र संगठन, कलाकार व ग्रामीण शामिल हो रहे हैं। आने वाले 15 दिनों तक अभियान चलेगा। इसमें ग्रामीणों ने नदी व तालाब का गहरीकरण कर जल स्त्राेतों को पूर्नजीवित करने का संकल्प लिया है।
जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक राकेश वर्मा ने बताया जिले में जल स्रोतों को चिह्नित किया गया है। इसमें श्रमदान करने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं व ग्रामीणों के अलावा अलग-अलग संगठनों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
बताया जा रहा है गहाल में ग्रामीणों श्रमदान कर रहे हैं। इसके अलावा जेसीबी से भी गहरीकरण कराया जा रहा है। इसी के तहत गहाल में भीलट बाबा मंदिर प्रागंण मे बैठक रखी गई। इसमें आगामी पंद्रह दिनों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि श्रमदान में बीएमडब्ल्यू के छात्र-छात्राएं भी शामिल हो रहे हैं।
जनसहयोग
अभियान के तहत गहाल में जल स्रोतों को पूर्नजीवित करने का प्रयास, श्रमदान में बड़ी संख्या में शामिल हो रहे ग्रामीण
बालागांव। तालाब गहरीकरण के लिए श्रमदान करते हुए ग्रामीण।
पांच दिनों से चल रहा मटकुल नदी का गहरीकरण
कुकरावद में पांच दिनों से मटकुल नदी का गहरीकरण चल रहा हे। इसमें ग्रामीणों के अलावा स्वयंसेवक शामिल हो रहे है। पर्यावरणविद् अनिल माधव दवे की स्मृति में नदी किनारे पौध रोपण भी कराया जाएगा। श्रमदान के दौरान भागवत सिंह पटेल, संजय तेनगुरिया, कंचन चौहान सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।